खतौली नगर पालिका के सीमा विस्तार से होगा विकास
मुजफ्फरनगर, खतौली। नगरपालिका क्षेत्र का सीमा विस्तार कराने के प्रस्ताव को शासन की ओर से स्वीकृति मिल गई है। डीएम द्वारा अधिसूचना जारी करने के बाद यदि कोई आपत्ति दर्ज नहीं हुई, तो नगरपालिका क्षेत्र में खतौली व खतौला का ग्रामीण और अरबन क्षेत्र शामिल हो जाएगा। नगरपालिका के सीमा विस्तार के बाद नए शामिल क्षेत्रों के लिए भी विकास योजनाएं क्रियान्वित होंगी। इससे नए क्षेत्र के लोग भी नगरपालिका द्वारा दी जाने वाली सुविधाओं का लाभ उठा पाएंगे। नगरपालिका में हजारों नए घर शामिल होने के बाद आय का स्त्रोत भी बढ़ेगा।
नगरपालिका परिषद के चेयरमैन द्वारा वर्ष 1973 से विचाराधीन सीमा विस्तार के प्रस्ताव को डीएम के माध्यम से शासन के समक्ष प्रस्तुत किया गया था। सीमा विस्तार में पहले खतौली क्षेत्र के आसपास के कई गांवों को जोड़ा गया था, लेकिन बाद में उन्हें हटा दिया गया। काफी प्रयासों के बाद सीमा विस्तार की फाइल पूरी होने के बाद अब नगर विकास मंत्री आशुतोष टंडन द्वारा नगरपालिका के सीमा विस्तार का प्रस्ताव स्वीकार कर लिया गया है। शासन द्वारा अधिसूचना जारी करने के बाद यदि कोई आपत्ति नहीं लगी, तो नगरपालिका की सीमा का विस्तार हो जाएगा।
खतौली नगरपालिका की ये है सीमा
दिल्ली-मसूरी मार्ग पर गंगनहर पटरी तक, बिजलीघर के पास पुलिया तक, रेलवे लाइन से पश्चिम का क्षेत्र, बुढ़ाना रोड पर रॉयल गार्डन के सामने तक का क्षेत्र।
सीमा विस्तार के बाद यहां तक बढ़ेगा क्षेत्र
गंगनहर पटरी से खतौली ग्रामीण और शहरी क्षेत्र, गंगनहर आवासीय कॉलोनी, शाहविलास तक जंगल क्षेत्र, बुढ़ाना रोड पर सठेड़ी पुल तक, आवास विकास कॉलोनी, सफेदा रोड, शाहनजर कॉलोनी, रॉयल गार्डन से बुढ़ाना रोड अंडरपास तक का क्षेत्र नगरपालिका में शामिल होगा। सीमा विस्तार के बाद नगरपालिका का क्षेत्रफल करीब तीन किलोमीटर बढ़ जाएगा।
जनसंख्या में होगी बढ़ोतरी
वर्तमान में नगरपालिका क्षेत्र की आबादी करीब 80 हजार है, जो सीमा विस्तार के बाद लगभग दोगुनी हो जाएगी। नगरपालिका वर्तमान में 14 हजार लोगों से हाउस टैक्स और 4200 लोगों से वाटर टैक्स वसूलती है। सर्वे कराने के बाद नई बस्ती और सीमा विस्तार में आने वाले मकानों के जुड़ने के बाद यह संख्या बढ़ जाएगी।
तहसील रही बाहर
नगरपालिका क्षेत्र के विस्तार में तहसील खतौली से बाहर ही रहेगी। वर्तमान में तहसील खतौली ग्रामीण के भूड़ क्षेत्र में लगती हैं। कर्मचारियों का कहना है कि तहसील भी नगरपालिका क्षेत्र में शामिल होनी चाहिए।
इन्होंने कहा .....
नगरपलिका चेयरमैन बिलकिस बेगम का कहना है कि नगर के विकास एवं कर्मचारी हित के दृष्टिगत शासन द्वारा सीमा विस्तार की अधिसूचना जारी की गई है। सीमा विस्तार होने के बाद नगर के लोगों की सुविधाओं में इजाफा होगा।
नगरपालिका ईओ जेपी यादव का कहना है कि सीमा विस्तार के बाद पालिका की आय में इजाफा होगा। जो क्षेत्र नगरपालिका में आएंगे, वहां रहने वाले लोगों को पालिका की सभी सुविधाओं का लाभ मिलेगा।
पालिका के वार्ड संख्या-17 के सभासद मोहम्मद नईम का कहना है कि सीमा विस्तार के बाद नगरपालिका का दायरा बड़ा हो जाएगा। इससे पालिका क्षेत्र में आने वाले लोगों को सभी सुविधाएं मुहैया होंगी।
वार्ड संख्या-तीन के सभासद विनेश कुमार का कहना है कि नगरपालिका की सीमा विस्तार होना खुशी की बात है। इससे जनता को सुविधाएं मुहैया होंगी तो पालिका की भी आय में बढ़ोत्तरी होगी।
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पूर्व सभासद रामकिशन सैनी का कहना है कि जो क्षेत्र पालिका की सीमा में आएंगे, उसके मतदाता भी नगरपालिका क्षेत्र में आएंगे। ऐसे में सीमा विस्तार के बाद पालिका प्रशासन को लगभग पांच नए वार्ड बनाने होंगे।
अशोक विहार विकास समिति के अध्यक्ष सुधीश पुंडीर का कहना है कि जब तक आवास विकास के सभी प्लॉटों की बिक्री नहीं हो जाती और कॉलोनी के सभी विवादों का निस्तारण न हो जाए, तब तक अशोक विहार को पालिका क्षेत्र से बाहर ही रखा जाना चाहिए।