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किसान आंदोलन और राजनीति के बीच बढ़ी खापों की सक्रियता, विवाद को नहीं मानते उचित खाप चौधरी

Thu, 25 Feb 2021 04:39 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर/शामली
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khaap - फोटो : amar ujala
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कृषि कानूनों के विरोध में आंदोलन और राजनीति के बीच खाप पंचायतें भी महत्वपूर्ण कड़ी बन गईं हैं। ज्यादातर खाप पंचायतें पहले से ही कृषि कानूनों के विरोध में थीं, लेकिन भाजपा नेताओं के खाप चौधरियों से मिलने के बाद गहमागहमी और बढ़ गई है।  समर्थन और विरोध के बीच गठवाला खाप की लगातार पंचायतें हो रही हैं, लेकिन इनमें कोई निर्णय नहीं लिया जा रहा। खाप चौधरियों का कहना है कि किसान आंदोलन को वे समर्थन करते हैं, लेकिन बहिष्कार और विवाद को उचित नहीं ठहराया जा सकता।
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कृषि कानूनों के विरोध के बीच भाकियू अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत के भाजपा नेताओं के बहिष्कार का एलान किए जाने पर भाजपा के सांसद, मंत्री, विधायक भी खाफ चौधरियों से मिलने और सुख दुख में शामिल होने क्षेत्र में निकले है। केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ संजीव बालियान का शामली के गांव भैंसवाल में विरोध हुआ। सोरम में भाजपा और रालोद समर्थकों में टकराव हुआ।

सोरम की मारपीट ने  सियासी रुप ले लिया। रालोद अध्यक्ष चौधरी अजित सिंह ने गांव पहुंच कर सोरम की चौपाल से लेकर गलियो में घूम कर पीड़ितों का हाल जाना। सपा जिलाध्यक्ष प्रमोद त्यागी भी नेताओं के साथ घायलों से मिलने सोरम पहुंचे। केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ संजीव बालियान ने रालोद अध्यक्ष के जाते ही शाहपुर में जनसभा कर अहसास कराया कि किसान उनके साथ है।
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-भाजपा नेता जानते थे कि किसानों में भाजपा के प्रति गुस्सा है। ऐसे में उन्हें गांवों में नहीं जाना चाहिए था। सोरम में जो हुआ वह गलत है। भाजपा नेताओं को गांवों में आने के बजाय सरकार से बात करनी चाहिए। संजय कालखंडे, 

- गांवों में पक्ष-विपक्ष होता है। कोई गांव में आता है तो इसमें नाराजगी नहीं जतानी चाहिए। अपनी बात उनके सामने शांतिपूर्ण तरीके से रखें। सभी खाप चौधरियों और जिम्मेदारों से यही अपील कि इस तरह की बयानबाजी न करें, जिससे समाज में विवाद की स्थिति हो। राजेंद्र सिंह, गठवाला खाप चौधरी बाबा हरिकिशन मलिक के पुत्र 

भाजपा नेताओं को गांवों में नहीं आने देने की घोषणा बालियान खाप के चौधरी की ओर से की गई थी। केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. संजीव बालियान भी उसी खाप से हैं। डॉ. संजीव बालियान को पहले गठवाला की बजाय अपनी खाप के चौधरी के पास जाना चाहिए था। -श्याम सिंह गठवाला खाप के गांव बहावड़ी थांबेदार 

दिल्ली रहे, या इस्तीफा देकर आए: टिकैत
भाकियू अध्यक्ष एवं बालियान खाप के मुखिया चौधरी नरेश टिकैत ने कहा, सोरम की घटना दुखद है। गांवों में विरोध हो रहा है, तनाव बन रहा है, इसलिए वे गांवों में आना-जाना बंद रखे। दिल्ली जाए और पीएम के समक्ष किसानों की बात रखे। जब जनता उन्हें स्वीकार नहीं कर रही तो मंत्री को चाहिए कि वो सभ्यता का परिचय देे, वो अपने घर रहें या दिल्ली चले जाए। जब उनकी दिल्ली में भी सुनवाई नहीं होती को इस्तीफा देकर किसानों की बीच आ जाए।
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विरोध जारी रहेगा: लाटियान
किसान अपनी मांगों को लेकर तीन माह से आंदोलन कर रहे है। जब तक मांग पूरी नहीं होती तब तक भाजपा नेताओं का विरोध जारी रहेगा। अच्छा रहेगा कि वो भी गांव  में नहीं आए।
टकराव ठीक नहीं है, बचे। वीरेंद्र सिंह, मुजफ्फरनगर की लाटियान खाप के मुखिया

-गांवों में किसानों के बीच टकराव हो रहा है, जो ठीक नहीं है। ऐसे में भाजपा नेताओं को भी अभी गांव जाने से बचना चाहिए। गजेंद्र सिंह, अहलावत खाप के चौधरी 

मैं कोई टिप्पणी नहीं करुंगा-सुभाष बालियान
मुजफ्फरनगर के सोरम निवासी सर्वखाप मंत्री सुभाष बालियान ने सोरम में हुई घटना के बाद चल रहे सियासी घटनाक्रम को लेकर कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि वह राजनीतिक घटनाक्रम पर कोई टिप्पणी नहीं करेंगे।

किसानों में गुस्सा, दूरी बनाएं भाजपा नेता : सुरेंद्र सिंह
बागपत में देशखाप के चौधरी सुरेंद्र सिंह का कहना है कि कृषि कानूनों को लेकर किसानों के बीच नाराजगी का माहौल है। भाजपा नेता फासलें के साथ रहें, किसानों को कृषि कानूनों का लाभ समझाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। सौरम और भैसवाल गांव में लोग गुस्सा जाहिर कर चुके हैं। बामनौली गांव में 27 फरवरी को महापंचायत बुलाई गई है।
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