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कवाल कांड में मारे मए सचिन का लापता पिता बिशन शुकतीर्थ में मिला

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मलिकपुरा निवासी बिशन, जो लापता था और शुकतीर्थ के एक आश्रम से मिला है। - फोटो : MUZAFFARNAGAR
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जानसठ (मुजफ्फरनगर)। बहुचर्चित कवाल कांड में मारे गए मलिकपुरा निवासी सचिन के लापता पिता बिशन सिंह 23 दिन बाद शुकतीर्थ के जूना अखाड़ा से सकुशल मिले गए। बिशन के मिलने पर पुलिस ने ली राहत की सांस ली है। पुलिस ने उन्हें परिजनों के सुपर्द कर दिया। घरेलू कलह के चलते बिशन शुकतीर्थ में रह रहा था।
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छह साल पहले वर्ष 2013 में कवाल कांड में मलिकपुरा निवासी ममेरे भाईयों सचिन और गौरव की हत्या कर दी गई थी। कवाल कांड में मारे गए सचिन के पिता बिशन सिंह घर की कलह के चलते हैं 23 नवंबर को घर से बिना बताए कहीं चले गए थे। परिजन 11 दिन तक जगह-जगह तलाश करते रहे, मगर उसका पता नहीं चल सका। चार दिसंबर को बिशन के पुत्र राहुल ने जानसठ कोतवाली पर गुमशुदगी दर्ज कराई थी। पुलिस द्वारा बिशन की तलाश के लिए कई टीमें बनाकर कई जिलों में गांव में पोस्टर लगाकर तलाश करनी शुरू की। सोमवार को बिशन के परिजनों को उसके शुकतीर्थ के एक आश्रम में होने की सूचना मिली। बिशन का भाई प्रह्लाद एवं पुत्र राहुल शुकतीर्थ के जूना अखाड़ा में बिशन के मिलने पहुंचे। बिशन ने बताया कि वह घर की कलह के चलते घर छोड़कर शुकतीर्थ (शुक्रताल) चला गया था। जब वह गंगा किनारे बैठ हुआ था उसी दौरान एक साधु आया और गंगा किनारे बैठने का कारण पूछा तो मैंने उसे सब कुछ बता दिया, वह साधु मुझे अपने जूना अखाड़े में ले गया तब से मैं वहीं रह रहा था। वहीं रहते हुए बिशन ने खर्चे के लिए अपनी मोटरसाइकिल भी बेच दी। जानसठ इंस्पेक्टर योगेश शर्मा ने बताया कि घर से जाने के बाद वह शुक्रताल के जूना अखाड़े में रह रहा था, पूछताछ कर उसके परिजनों के साथ भेज दिया गया है।
बिशन के गांवों में लगे पोस्टर से पता चला
जानसठ। पुलिस द्वारा बिशन के गायब होने के पोस्टर गांव-गांव में लगाने के कारण ग्रामीणों द्वारा पोस्टर देखकर जूने अखाड़े में घूमते हुए बिशन को देखकर उन्हें फोन कर जानकारी दी गई। बताया जा रहा है कि बिशन सिंह जानसठ कोतवाली से घर जाने को तैयार नहीं हुआ। उसने बताया की पत्नी व पुत्र से काफी परेशान है।
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