मुजफ्फरनगर। करीब साढ़े चार साल बाद कवाल कांड फिर सुर्खियों में आ गया है। कवाल में मारे गए शाहनवाज की हत्या के मामले का अदालत ने संज्ञान लिया है। अदालत ने मृतक शाहनवाज के पिता मोहम्मद सलीम की ओर से दायर किए गए निजी परिवाद को स्वीकार कर लिया है।
अदालत ने इस मामले में छह आरोपियों को 10 जुलाई को तलब किया है। इस हत्याकांड में एसआईटी फाइनल रिपोर्ट लगा चुकी है। उधर, 27 अगस्त 2013 को ही हुई मलिकपुरा के ममेरे भाइयों सचिन-गौरव की हत्या का मुकदमा अभी कोर्ट में ट्रायल पर है, जिसमें पांच आरोपी अभी जेल में बंद है।
जानसठ कोतवाली क्षेत्र के गांव कवाल में 27 अगस्त 2013 को छेड़छाड़ के मामले को लेकर पहले शाहनवाज की हत्या हुई। उसके प्रतिशोध में भीड़ ने मलिकपुरा के ममेरे भाइयों सचिन और गौरव की पीट-पीट कर हत्या कर दी थी। कवाल कांड को लेकर सात सितंबर 2013 को नंगला मंदौड़ की पंचायत के खत्म होते ही जिले में दंगा भड़क गया था। कवाल कांड में शाहनवाज की हत्या में उसके पिता मोहम्मद सलीम ने सचिन-गौरव आदि के खिलाफ नामजद मुकदमा और मलिकपुरा के गौरव के पिता रविंद्र की ओर से दोहरे हत्याकांड का नामजद मुकदमा दर्ज कराया गया था। बाद में सपा सरकार के आदेश पर एसआईटी ने दोनों हत्याकांड की जांच की।
एसआईटी ने शाहनवाज हत्याकांड में फाइनल रिपोर्ट लगा दी थी, जबकि सचिन-गौरव हत्याकांड के आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की थी। शाहनवाज हत्याकांड में एफआर लगाए जाने पर मोहम्मद सलीम ने करीब तीन साल पहले अपने अधिवक्ता एस हसन मोहसीन जैदी के जरिये एसआईटी की फाइनल रिपोर्ट पर एतराज करते हुए कोर्ट में आपत्ति दायर की थी। आपत्ति में अदालत को बताया गया कि 27 अगस्त 2013 को मलिकपुरा के गौरव की बाइक की टक्कर हो गई थी, इसी को लेकर आरोपियों ने शाहनवाज की हत्या कर दी थी।
कोर्ट में मोहम्मद सलीम समेत अन्य लोगों के बयान हुए। अब अदालत ने मोहम्मद सलीम की आपत्ति को निजी परिवाद के रूप में स्वीकार कर लिया है। एसीजेएम द्वितीय अंकुर शर्मा ने इस परिवाद का स्वीकार करते हुए शाहनवाज हत्याकांड का संज्ञान लिया है। अदालत ने छह आरोपियों रविंद्र पटवारी, प्रहलाद, बिशन, तेंदू , देवेंद्र और जितेंद्र को दस जुलाई को अदालत में तलब किया है।