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वार्डन की दहशत में स्कूल छोड़ गईं 35 बेटियां, अभिभावकों को सता रही पढ़ाई की चिंता

Fri, 31 Mar 2017 11:45 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
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कस्तूरबा गांधी स्कूल में बेटियों को लेने पहुंचे अभिभावक। - फोटो : अमर उजाला
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कस्तूरबा गांधी विद्यालय में छात्राओं के कपड़े उतारने का मामला सुर्खियों में आने के बाद अभिभावकों में बेटियों को लेकर चिंता बढ़ गई है। विद्यालय में सभी छात्राओं के लिए पढ़ाई के साथ आवासीय सुविधा भी है। मामला उछलने के बाद अभिभावक धीरे-धीरे अपनी बेटियों को अपने घर ले जा रहे हैं।
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70 छात्राओं में से करीब 35 छात्राओं को उनके परिजन अपने घर ले गए हैं। बीएसए ने बताया कि अभिभावकों से संपर्क किया जा रहा है। छात्राओं को वापस बुलवाया जाएगा। इसके लिए बीएसए ने विद्यालय के शिक्षिकाओं और अन्य स्टाफ को निर्देशित किया है। अभिभावकों को समझाकर छात्राओं को वापस विद्यालय में पढ़ाई के लिए लाया जाएगा। एक अप्रैल से नया सत्र शुरू हो रहा है।       

तिगाई में कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में शारीरिक जांच करने के लिए छात्राओं के कपड़े उतारने का मामला तूल पकड़ गया है। इस शर्मनाक मामले की जांच कराने के बाद डीएम ने महिला वार्डन को बर्खास्त कर दिया गया है। उधर, मामले की गूंज लखनऊ तक भी पहुंच गई। 
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खतौली ब्लाक के तिगाई गांव के कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय पिछले दो दिनों से सुर्खियों में है। विद्यालय में कक्षा आठ तक की 70 छात्राएं हैं। आरोप है कि स्कूल के बाथरूम में ब्लड मिलने पर वार्डन सुरेखा तोमर ने छात्राओं के कपड़े उतरवाकर उनकी जांच की थी, यह सब क्लासरूम में ही किया गया। वार्डन को शक था कि यह ब्लड छात्राओं के मुश्किल दिनों का है। 

छठवीं-सातवीं की छात्राओं ने इसकी जानकारी परिजनों को दी तो उन्होंने हंगामा खड़ा कर दिया। सूचना पर विद्यालय में पहुंचे बीएसए चंद्रकेश सिंह यादव और सीओ ने मौके पर पहुंचकर मामला शांत कराया था।   बीएसए ने मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय समिति का गठन किया था। समिति की

रिपोर्ट बीएसए ने डीएम डीके सिंह को सौंपी। डीएम ने रिपोर्ट में छात्राओं के साथ घृणित कार्य की पुष्टि होने पर वार्डन सुरेखा तोमर की सेवाएं समाप्त कर दी हैं। उनकी जगह विद्यालय की शिक्षिका नीता चौधरी को प्रभार सौंपा गया है। जांच टीम के समक्ष वार्डन सुरेखा का कहना था कि वह छात्राओं को अपनी बेटियों की तरह रखती हैं। उनकी हर समस्या जानना उनका फर्ज है। उन्होंने छात्राओं के कपड़े नहीं उतारे, सिर्फ छात्राओं से जानकारी ली थी। वार्डन ने यह भी कहा कि स्कूल में स्टाफ उनके खिलाफ षड्यंत्र कर रहा है। छात्राओं को उनके खिलाफ भड़काया गया है। 

कैबिनेट मंत्री ने कहा सख्त कार्रवाई करें 
मीडिया में मामला आने के बाद लखनऊ तक हलचल मच गई। महिला कल्याण एवं बाल विकास मंत्री रीता बहुगुणा जोशी ने डीएम डीके सिंह से फोन पर बात की। डीएम ने मंत्री को पूरे मामले से अवगत कराया। मंत्री ने डीएम से कहा कि जांच में दोषी पाए जाने पर आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। डीएम ने उन्हें अवगत कराया कि जांच में प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर वार्डन को बर्खास्त कर दिया गया है। साथ ही मामले की मजिस्ट्रेटी जांच एसडीएम सदर रेणु सिंह को सौंपी गई है।  

क्या लिखा है आदेश में
कस्तूरबा विद्यालय में वार्डन के कृत्य को घृणित ठहराया गया है। हालांकि असल वजह का जिक्र नहीं किया गया है। जांच समिति की रिपोर्ट के बाद बीएसए ने अपने आदेश में कहा है कि वार्डन द्वारा बच्चों के साथ मारपीट एवं दुर्व्यवहार किया जाता है। मेन्यू के अनुसार भोजन भी नहीं दिया जा रहा है। वार्डन के व्यवहार से स्कूल का स्टाफ भी संतुष्ट नहीं है। 26 मार्च को वार्डन द्वारा किए गए घृणित कार्य की पुष्टि हुई है, जिस पर डीएम ने वार्डन की संविदा समाप्त करने के निर्देश दिए हैं। 

विद्यालय का होगा औचक निरीक्षण      
बीएसए चंद्रकेश यादव ने बताया कि विद्यालय में जो कुछ हुआ है, वह शर्मसार करने वाला है। छात्राओं के इस तरह कपड़े उतरवाकर जांच करने की किसी को इजाजत नहीं है। बीएसए ने साफ कर दिया है कि कार्रवाई होने के बाद भी विद्यालय का औचक निरीक्षण कर छात्राओं से समस्याओं के बारे में जानकारी ली जाएगी। इसके अलावा अन्य आवासीय विद्यालयों में भी निरीक्षण कर व्यवस्था परखी जाएगी।

वार्डन के खिलाफ होगी एफआईआर  
कस्तूरबा विद्यालय में छात्राओं के कपड़े उतरवाने के मामला का शासन ने भी संज्ञान लिया है। डीएम ने पूरे मामले की रिपोर्ट भेज दी है। डीएम डीके सिंह ने बीएसए चंद्रकेश यादव को निर्देश दिए हैं कि वह खतौली थाने में वार्डन सुरेखा के खिलाफ एफआईआए दर्ज कराएं। जल्द ही इस मामले में बीएसए की ओर से मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। मामला शासन तक पहुंचने के बाद जिला प्रशासन इस प्रकरण में कोई कोताही बरतने के मूड में नहीं है।
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