सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अर्श से फर्श पर आईं वाहन कंपनियों के लिए बृहस्पतिवार का दिन मुश्किलों भरा रहा। सुप्रीम कोर्ट के बीएस-3 वाहनों की ब्रिकी और पंजीकरण पर रोक लगाने के बाद डीलरों की धड़कनें बढ़ गईं। उधर, एआरटीओ ने भी साफ कर दिया है कि 31 मार्च की शाम तक ही बीएस-3 वाहनों के पंजीकरण किए जाएंगे। इसके बाद न तो डीलरों को इन्हें बेचने दिया जाएगा और न ही पंजीकरण होगा।
बीएस-3 वाहनों से निकलने वाले धुएं के कारण पर्यावरण का संतुलन बिगड़ रहा है, जिसके चलते प्रदूषण की मात्रा बढ़ रही और इससे आम जन मानस की सेहत पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) पहले ही बीएस-3 वाहनों के कारण प्रदूषण बढ़ने का खतरा जाहिर कर चुका है। इसके लिए एनसीआर क्षेत्रों में कई तरह के निमय लागू किए गए। सुप्रीम के फैसले के आते ही वाहन कंपनियों पर लोगों की भीड़ जुट गई।
सभी दुपहिया वाहन कंपनियों से करीब 150 से अधिक वाहनों की खरीद गई। वहीं, वाहन कंपनियों ने भी इसे भुनाने में कसर नहीं छोड़ी। छूट देकर वाहनों की बिक्री की गई। उधर, एआरटीओ राजीव बंसल ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा बीएस-3 वाहनों की ब्रिकी और पंजीकरण पर रोक लगा दी है। इसको लेकर विभाग को सतर्क किया गया है। डीलरों को भी इस बाबत कड़ी हिदायत दी गई है। वहीं, बीएस-3 वाहनों के पंजीकरण के लिए केवल एक दिन रहेगा।