कांवड़ियों से घटना की जानकारी लेते पुलिस अधिकारी।
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कांवड़ शिविर से उठकर शौच के लिए गए कांवड़िए की तालाब में डूबने से मौत हो गई। साथी कांवड़ियों ने कई घंटे की मशक्कत के बाद शव को बाहर निकाला। परिजन बिना पोस्टमार्टम के शव को अपने साथ ले गए। सूचना पर एसपी क्राइम और सीओ बुढ़ाना मौके पर पहुंचे।
मेरठ के थाना सरूरपुर खुर्द के गांव करनावल निवासी प्रवीण (42) पुत्र राजेंद्र साथियों के साथ हरिद्वार से कांवड़ लेकर लौट रहा था। बृहस्पतिवार शाम को वह रतनपुरी राजवाहे पर लगाए गए कांवड़ सेवा शिविर में ठहर गया था। शुक्रवार सुबह करीब तीन बजे वह शिविर से उठकर साथी कांवड़ियों के साथ शौच के लिए गया था।
जंगल में अंधेरा होने के कारण उसका पैर फिसल गया और वह तालाब में गिर गया। शिविर में लौटे साथियों ने उसकी काफी तलाश की, लेकिन कहीं सुराग न मिलने पर उसे तालाब में तलाशा गया। घंटों की मशक्कत के बाद तालाब से उसका शव निकाला जा सका।
उधर, घटना की सूचना मिलने पर एसपी क्राइम प्रदीप गुप्ता, सीओ बुढ़ाना एसपी शर्मा, इंस्पेक्टर अरविंद कुमार पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। खबर मिलने पर कांड़िए का भाई विनोद भी परिजनों के साथ घटनास्थल पर पहुंच गया था। एसपी क्राइम ने परिजनों से पोस्टमार्टम कराने का आग्रह किया, लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया। पुलिस ने पंचनामा भरकर शव परिजनों को सौंप दिया।