शहर में आते ही प्रदूषित हो रही काली नदी
मुजफ्फरनगर। जनपद से होकर बह रही काली नदी शहर में आकर प्रदूषित होती है। जिले की सीमा में रोहाना में आने से वहां का पानी साफ है, मगर शहर में आते ही गंदे पानी के बिना ट्रीटमेंट के नदी में डाले जाने से काली नदी प्रदूषित हो रही है। शहर के अलावा 41 औद्योगिक इकाइयों का गंदा पानी नदी में गिरने के कारण नदी मंसूरपुर और रतनपुरी में पूरी तरह से प्रदूषित हो चुकी है। यहां पर इनका काली पानी बयां कर रहा है कि नदी में किस कदर अशुद्धिकृत उत्प्रवाह हो रहा है। अमर उजाला टीम ने नदी का रोहाना से लेकर रतनपुरी तक हाल जाना, तो पाया कि शहर और औद्योगिक इकाइयों का पानी इसे प्रदूषित कर रहा है। नतीजतन इस नदी के किनारे बसें गांवों का भूगर्भ जल भी पीने योग्य नहीं रहा है। कई गांव में हेपेटाइटिस और कैंसर जैसी घातक बीमारी फैल रही है।
जिले में 61 किलोमीटर का सफर करती है नदी
मुजफ्फरनगर। पश्चिमी काली नदी का उद्गम हरिद्वार के कस्बा इकबालपुर के पास से है। हरिद्वार और सहारनपुर जिले की सीमा से होकर मुजफ्फरनगर जिले में रोहाना कलां गांव के पास से प्रवेश करती है। 61 किलोमीटर का सफर तय कर नदी गांव रतनपुरी-भनवाडा के पास हिंडन नदी में मिल जाती है।
रोहाना में साफ पानी, रतनपुरी में हुई काली
मुजफ्फरनगर। अमर उजाला टीम ने रोहाना से लेकर रतनपुरी तक का नदी के सफर को लाइव कवरेज किया। रोहाना में नदी का पानी साफ मिला। यहां से नदी मलीरा, सादपुर, बाननगर, दीदाहेडी, बामनहेडी, कल्लरपुर, शेरपुर, शाहबुददीनपुर, सलेमपुर, खांजापुर, न्याजूपुरा होते हुए शहर में प्रवेश करती है। शहर में नदी में सात नालों के जरिये पूरे शहर का गंदा पानी गिरता मिला। शहर नगर पालिका का एसटीपी प्लांट भी बंद मिला। गंदा पानी सीधा नदी में जा रहा है, जिससे यहां से नदी का पानी मैला हो रहा है। खादरवाला, सुजडू के नालों से भी सीधा पानी नदी में जा रहा है। बेगराजपुर में तमाम औद्योगिक इकाइयों का प्रदूषित पानी नदी में मिल रहा है। मंसूरपुर नाले का गंदा पानी भी बोपाड़ा गांव के पास नदी में गिर रहा है। बोपाडा में नदी का पानी काला साफ नजर आ रहा था। रतनपुरी में नदी के काले पानी को देख कर कोई भी बता सकता है कि यह काली नदी बह रही है। यहां पर नदी के पास के गांव बोपाड़ा, डबल, मोरकुक्का, कितास, रतनपुरी का भूगर्भ जल भी दूषित हो चुका है।
इन नालों का पानी गिरता है नदी में
शहर से लेकर मंसूरपुर तक गंदा पानी नदी में डाला जाता है। न्याजूपुरा, लद्दावाला, शामली रोड, खादरवाला, कृष्णापुरी, सुजडू, नई बस्ती खालापार नालों के अलावा जुटमुझेडा, धंधेड़ा, सहावली, बेगराजपुर और मंसूरपुर नाले का पानी काली नदी में गिरता है।
41 औद्योगिक इकाइयों का आता है पानी
मुजफ्फरनगर। भोपा रोड, जानसठ रोड के अलावा बेगराजपुर क्षेत्र की 41 औद्योगिक इकाइयों का पानी नालों के जरिये काली नदी में गिर रहा है।