-महिलाओं ने मंगल कलश सिर पर धारण कर नगर परिक्रमा की
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संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। नई मंडी रामलीला भवन में रामलीला के शताब्दी वर्ष पर बुधवार को श्रीराम कथा का शुभारंभ हुआ। कथा से पहले धूमधाम से कलश यात्रा निकाली गई। इसमें महिलाओं ने मंगल कलश सिर पर धारण कर नगर परिक्रमा की।
कथा व्यास उमाकांतानंद सरस्वती ने कथा के पहले दिन प्रवचन दिए। उन्होंने कहा कि सनातन अजन्मा और अनंत है। राम उसकी आध्यात्मिक चेतना हैं। मनुष्य जीवन में सत्संग का अवसर मिलना परम सौभाग्य है। भक्ति में लीन होना मुक्ति का मार्ग प्रशस्त करता है। उमाकांतानंद सरस्वती ने बताया कि रामकथा केवल राजा के पुत्र राम की कथा नहीं है। यह उस आध्यात्मिक चेतना की कथा है, जो मानव कल्याण का मार्ग दिखाती है। मुख्य यजमान अशोक तायल रहे।
कलश यात्रा में कई महिलाएं शामिल हुईं। इनमें नीलीमा अग्रवाल, अरुणा कुच्छल, अंजली मित्तल, रेखा अग्रवाल, प्रिया माहेश्वरी, साधना गर्ग और साधना कुच्छल प्रमुख थीं। रश्मि, साक्षी गुप्ता, नीति, शालू कुच्छल, सोनम कुच्छल, रेनू कुच्छल और पारुल कुच्छल भी यात्रा का हिस्सा बनीं। कथा में भीम सेन कंसल, समिति अध्यक्ष संजय मित्तल और मंत्री अशोक गर्ग मौजूद रहे। आदित्य भरतिया, ब्रज गोपाल छारिया, कैलाश चंद ज्ञानी, राजीव अग्रवाल, अभिषेक, विवेक गर्ग और अतुल जैन भी उपस्थित रहे।