मुजफ्फरनगर। कुख्यात विक्की त्यागी की हत्या के मामले में बचाव पक्ष ने किशोर न्याय बोर्ड के फैसले को चुनौती दी है। न्यायालय में अपील दायर कर सागर मलिक को नाबालिग बताया गया है।
16 फरवरी 2015 को कोर्ट संख्या-दस में पुलिस सुरक्षा के बीच विक्की त्यागी की हत्या कर दी गई थी। पीड़ित पक्ष ने हत्या का मुकदमा शामली के बहावड़ी गांव के सागर मलिक के खिलाफ दर्ज कराया था। 25 फरवरी 2015 को आरोपी की माता बबली ने बाल विद्या मंदिर जूनियर हाईस्कूल संगम विहार लोनी गाजियाबाद की कक्षा सात की टीसी न्यायालय किशोर न्याय बोर्ड में दाखिल करते हुए आरोपी के किशोर होने का दावा किया था। किशोर न्याय बोर्ड ने सर्वसम्मति से आरोपी सागर को बालिग घोषित किया था। बचाव पक्ष ने इस फैसले के खिलाफ अपर जिला एवं सत्र न्यायालय संख्या सात में अपील दाखिल की है सुनवाई के लिए सात नवंबर की तिथि तय की गई है। उधर, हत्या की वारदात में वादी सुप्रभा के बयान भी दर्ज हुए।