किशोर न्याय बोर्ड ने किशोरों का अपराध मानने से किया इनकार
मुजफ्फरनगर। किशोर न्याय बोर्ड ने बाल सुधार गृह से तीन किशोरों के भागने के मामले को अपराध नहीं माना हैं। किशोर न्याय बोर्ड ने इस मामले में अन्य आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
चरथावल व सिखेड़ा निवासी तीन किशोरों के फरार होने के मामने में अधिवक्ता हाकिम अली ने बताया कि मंगलवार को शहर कोतवाली पुलिस किशोर न्याय बोर्ड में पहुंची थी। वहां बोर्ड ने कहा कि तीनों किशोरों पर कोई अपराध नहीं बनता, इसलिए अन्य तीनों होमगार्ड व बाल सुधार गृह के सहायक अधीक्षक के खिलाफ कार्रवाई की जाए। शहर कोतवाली प्रभारी ने इसकी पुष्टि की है। सीओ सिटी कुलदीप सिंह ने बताया कि इस मामले में विधिक राय लेकर कार्रवाई की जाएगी।
बताया जा रहा है कि फरार हुए तीनों किशोरों को कोर्ट के आदेश पर 13 अप्रैल को बाल सुधार गृह भेजा गया था। 19 अप्रैल को सुबह सफाई के लिए खोले गए कमरे का फायदा उठाकर तीनों किशोर बाल सुधार गृह की दीवार फांद कर फरार हो गए थे। इस मामले में बाल सुधार गृह के सहायक अधीक्षक की तहरीर पर शहर कोतवाली में मुकदमा दर्ज हुआ था। तहरीर के आधार पर पुलिस ने ड्यूटी पर तैनात रहे होमगार्ड राजेंद्र, नफीस व सुशील के साथ ही सहायक अधीक्षक आशाराम को भी आरोपी बनाया था। पुलिस को दो किशोर तो मिल गए थे, जिन्हें किशोर न्याय बोर्ड ने जमानत पर छोड़ दिया। तीसरा किशोर दो दिन बाद किशोर न्याय बोर्ड में हाजिर हो गया था। उसे बोर्ड ने बाल सुधार गृह भेज दिया था।