संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। जिंदगी की भाग दौड़ और शारीरिक श्रम न करने से हाइपर टेंशन का रोग लोगों को जकड़ रहा है। जबकि रात भर जागकर मोबाइल की स्क्रीन से चिपके रहने और जंकफूड का सेवन करने वाले बच्चों में भी यह रोग सामने आ रहा है। इन हालात में हार्ट अटैक अथवा गुर्दों के रोग होने का भी खतरा पैदा हो जाता है।
जिला चिकित्सालय की ओपीडी में इस तरह के युवा मरीज भी काफी संख्या में सामने आ रहे हैं। जिनमें बच्चों सहित किशोर भी शामिल हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से कराए गए सर्वे में जनपद के 12 लाख से अधिक की जांच में 2852 लोगों में हाइपर टेंशन की पुष्टि हुई है।
रक्तचाप बढ़ना या हाई ब्लड प्रेशर सेहत के लिए कई मायनों में नुकसानदायक माना जाता है। हाई बीपी को हाइपरटेंशन भी कहा जाता है, कम उम्र यानी 20-30 साल के युवा भी इसका तेजी से शिकार होते जा रहे हैं। हाइपर टेंशन का मतलब होता है कि रक्तचाप बढ़ना यानी नसों में खून का दबाव अधिक होना। इस स्थिति के लंबे समय तक सामान्य से अधिक बने रहने पर ह्रदय घात का भी खतरा बढ़ जाता है।
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जंक फूड से बचें, स्मोकिंग और ड्रिंकिंग भी नुकसानदेय
जिला अस्पताल के मानसकि रोग विशेषज्ञ डॉ.अर्पण जैन का कहना है कि भाग दौड़ भरी जिंदगी में शारीरिक सक्रियता और व्यायाम जरूरी है। कहते हैं कि हाइपर टेंशन की चपेट में बच्चे और युवा वर्ग भी आ रहा है। उन्हें इस तरह की बीमारी से बचाए रखने के लिए जरूरी है कि जंक फूड के सेवन और स्मोकिंग से बचाया जाए। व्यायाम न करने और मोटापा बढ़ने के कारण भी हाइपर टेंशन का खतरा रहता है। बच्चों में इसके लक्षण नींद न आना, वजन बढ़ना, पैरों में सूजन और बात-बात में गुस्सा आने के रूप में सामने आते हैं।