फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Muzaffarnagar News: ज्ञानवापी के सर्वे का आदेश देने वाले जज ने मांगी आवास पर 24 घंटे सुरक्षा

विज्ञापन
रवि कुमार दिवाकर, न्यायाधीश
विज्ञापन
मुजफ्फरनगर। फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या तीन के पीठासीन अधिकारी रवि कुमार दिवाकर ने अपने आवास पर सुरक्षा बढ़ाए जाने के लिए एसएसपी संजय कुमार वर्मा को चिट्ठी भेजी है। चार साल पहले वाराणसी में तैनाती के दौरान शृंगार गौरी केस की सुनवाई के दौरान ज्ञानवापी परिसर का वीडियोग्राफी सर्वे कराने के आदेश के बाद आतंकवादियों की ओर से दी गई धमकियों का जिक्र किया। करीब 80 दिन में नौ लोगों को फांसी की सजा सुना चुके न्यायाधीश ने चिंता जताई कि वर्तमान परिस्थितियां उनकी बरेली में तैनाती से भी ज्यादा संवेदनशील हैं, ऐसे में सुरक्षा घटाना चिंताजनक है।
विज्ञापन

पत्र में न्यायाधीश ने लिखा कि हाईकोर्ट के आदेश के बाद 2022 से उन्हें सुरक्षा मिली है। बरेली में तैनाती के दौरान उन्हें दो पीएसओ और सात दिन और दो शिफ्टों में आवासीय गारद सुरक्षा मिली थी। मुजफ्फरनगर में 29 नवंबर 2025 को कार्यभार ग्रहण करने के बाद उन्हें केवल दो पीएसओ दिए गए हैं।
न्यायाधीश ने वाराणसी में अपनी पिछली तैनाती का भी जिक्र किया है। जून 2022 में उन्हें इस्लामिक आगाज मूवमेंट नामक संगठन से धमकी भरा पत्र मिला था। उस पत्र में उन्हें काफिर बुतपरस्त हिंदू न्यायाधीश कहते हुए गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई थी। दोनों धमकियों की भाषा एक जैसी है।
विज्ञापन


आतंकवादियों ने पोस्ट की थी न्यायाधीश की तस्वीर
मुजफ्फरनगर। एसएसपी को भेजे पत्र में उन्होंने दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और उत्तर प्रदेश एटीएस की जांच का हवाला दिया है। जांच में सामने आया कि आईएसआईएस से जुड़े दो आतंकवादियों को 25 अक्टूबर 2025 को गिरफ्तार किया गया था। इन आतंकियों ने दिल्ली के बाजारों और उत्तर प्रदेश के धार्मिक स्थलों पर आत्मघाती हमले की साजिश रची थी। अयोध्या का राम मंदिर भी इनमें शामिल था। आतंकवादी अदनान खान ने इंस्टाग्राम पर न्यायाधीश दिवाकर की तस्वीर पोस्ट करते हुए तस्वीर पर लाल रंग से काफिर लिखा और जान से मारने की धमकी दी थी।अदनान खां ने इंस्टाग्राम अकाउंट के माध्यम से ज्ञानवापी मस्जिद के मुकदमे की सुनवाई के दौरान न्यायाधीश को यह कहते हुए धमकी दी थी कि काफिर का खून तुम्हारे लिए हलाल है, जो तुम्हारे दीन के खिलाफ लड़ रहे हैं । ब्यूरो
-
इनसेट
मुजफ्फरनगर में फांसी की सजा का बनाया रिकॉर्ड
न्यायाधीश रवि कुमार दिवाकर ने पिछले 80 दिन में फांसी की सजा सुनाने का रिकॉर्ड बनाया है। तीन मामलों में अब तक नौ लोगों को फांसी की सजा सुना चुके हैं। एडवोकेट समीर सैफी, भौराकलां थाना क्षेत्र के सिसौली निवासी शेखर, चरथावल के राजेश देवी और उसके मासूम बेटे हिमांशु और राजेंद्र सैनी की हत्या के मामले में नौ दोषियों को फांसी की सजा सुनाई है।
-
वर्जन :
पत्र नहीं मिला, गार्ड और गनर दे चुके
एसएसपी संजय वर्मा का कहना है कि अभी उन्हें इस तरह का कोई पत्र नहीं मिला है। हालांकि पुलिस लाइन से गार्ड में तीन पुलिसकर्मी और एक गनर पहले ही दिया जा चुका है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें