फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शव को हाईवे पर रखकर जाम लगाया

Sat, 10 Dec 2016 12:03 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
विज्ञापन
जाम लगाने वालों को समझाते एसडीएम। - फोटो : amar ujala
विज्ञापन
मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना के फुगाना गांव की युवती की हत्या के बाद पोस्टमार्टम के बाद आए शव को ग्रामीणों ने हाईवे पर रखकर जाम लगा दिया। इसी दौरान आई रोडवेज बस में ग्रामीणों ने तोड़फोड़ कर दी। सैकड़ों महिलाएं एवं पुरुष बीच सड़क धरने पर बैठ गए। ग्रामीणों ने फुगाना पुलिस पर हत्यारों की गिरफ्तारी में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। चार घंटे की भारी मशक्कत के बाद एसडीएम ने दो दिन में हत्यारों की गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार को दस लाख की आर्थिक सहायता के आश्वासन पर जाम खुलवाया। पुलिस और डॉग स्क्वायड की टीमों ने दिनभर गन्ने के खेतों की छानबीन की। 
विज्ञापन

गांव फुगाना निवासी नानू की पुत्री आरती (19) बुधवार को खेत से लौटते समय रास्ते में लापता हो गई थी। आरती का शव बृहस्पतिवार को गांव के ही मास्टर धर्मपाल के गन्ने के खेत के बीच पड़ा मिला था। आरती की गला रेतकर हत्या की गई थी। पोस्टमार्टम के बाद शुक्रवार को अल सुबह आरती का शव गांव पहुंचा तो ग्रामीणों का गुस्सा भड़क गया। पूर्व प्रधान मोनू के नेतृत्व में सैकड़ों महिलाऐं एवं पुरुष आरती के शव को लेकर मेरठ करनाल हाईवे पर गांव के अड्डे के सामने पहुंच गए। शुक्रवार को प्रात: करीब आठ बजे ग्रामीणों ने शव को सड़क के बीच रखकर जाम लगा दिया। इसी दौरान शामली की ओर से आई रोडवेज की बस में ग्रामीणों ने लाठ डंडों से तोड़फोड़ की। घटना की सूचना मिलते ही थाना फुगाना के अलावा भौराकलां, बुढ़ाना और शाहपुर पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंच गई। एसएसपी और एसपी देहात के जनपद से बाहर होने के कारण मौके की कमान एसडीएम श्याम अवध चौहान ने संभाली।  इसी बीच भाजपा नेता उमेश मलिक, नितिन मलिक और बसपा के पूर्व सांसद कादिर राना भी मौके पर पहुंच गए। धरनास्थल पर पूर्व प्रधान मोनू मलिक व उमेश मलिक ने फुगाना पुलिस पर समय पर सूचना मिलने के बाद भी आरती की तलाश न करना और हत्या के बाद हत्यारों की गिरफ्तारी न करने के आरोप लगाए।
इंस्पेक्टर बुढ़ाना डीके त्यागी ने ग्रामीणों को समझाते हुए हत्यारों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस को कुछ समय देने की बात कही। चार घंटे की भारी मशक्कत के बाद ग्रामीणों की मांग पर एसडीएम श्याम अवध चौहान ने हत्यारों की गिरफ्तारी के लिए दो का समय मांगा। एसडीएम ने शासन से पीड़ित परिवार को दस लाख रुपये की आर्थिक सहायता दिलवाने का भी आश्वासन दिया। अधिकारियों के आश्वासन पर ग्रामीणों ने जाम खोल दिया। इसे बाद ही परिजन आरती के शव को हाईवे से उठाकर अपने घर ले गए। हत्यारों की तलाश में साक्ष्य एकत्र करने के लिए पुलिस तथा डॉग स्क्वायड की टीम ने गन्ने के खेत खंगाले। जाम लगाने वालों में ग्रामीण सौराज, प्रमोद, अशोक, सतपाल, राममेहर, बिल्लू, रामसिंह, राकेश, विनोद, महिला रूबी, कमला, बाला आदि महिलाएं एवं पुरुष रहे।
विज्ञापन

  अंतिम संस्कार करने से इंकार बुढ़ाना। हाईवे पर जाम खोलने के बाद शव को अपने घर लेकर पहुंचे परिजनों ने आरती का अंतिम संस्कार करने से इंकार कर दिया। परिजनों ने चेतावनी दी कि जब तक हत्यारे नहीं पकड़े जाएंगे, वह शव का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। इसी बीच पहुंचे केन्द्रीय राज्यमंत्री डॉ संजीव बालियान ने भी परिजनों से अंतिम संस्कार करने की बात कही तो उसे भी नकार दिया गया। ग्रामीणों की बात भी परिजनों ने नहीं सुनी। देर रात तक आरती का शव उसके घर पर रखा हुआ है और पुलिस बल मौके पर मौजूद है।      
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें