खराब मौसम से गुड़ का उत्पादन आधा हुआ
मुजफ्फरनगर। एशिया की सबसे बड़ी गुड़ मंडी में मौसम के खराब होने का बड़ा असर हुआ है। एक माह तक गुड़ का उत्पादन प्रभावित रहने के कारण इस बार गत वर्ष के मुकाबले गुड़ का भंडारण आधा रह गया है। गत वर्ष के मुकाबले इस बार तीन लाख 62 हजार 262 गुड़ के कट्टों का कम भंडारण हुआ है।
गत वर्ष 15 फरवरी तक यहां शीतगृहों में आठ लाख तीन हजार 205 गुड़ के कट्टों का भंडारण हुआ था। इस बार केवल चार लाख 40 हजार 943 गुड़ के कट्टों का ही भंडारण हो पाया है। इस बार जनवरी माह में मौसम खराबी के चलते जिले के सभी कोल्हू बंद रहे। हालत यह रही कि कई-कई दिन तक मंडी में गुड़ ही नहीं आया। जिले में लगभग तीन हजार कोल्हू गुड़ बनाते हैं। सर्दी, बारिश और कोहरा पड़ने के कारण कोल्हू में जलने वाला ईंधन ही नहीं सूख पाया। इस कारण एक माह तक कोल्हू नहीं चल पाए। कोल्हू नहीं चलने से मंडी में गुड़ नहीं पहुंच पाया और शीत गृहों में गुड़ का भंडारण नहीं हो पाया।
उत्पादन बढ़ा तो रेट घटा
गुड़ मंडी में कम आवक के चतले गुड़ के दाम यहां 1435 रुपये मन (40 किलो) तक पहुंच गया था। अब यहां गुड़ के दाम लुढ़ककर 1195 पर पहुंच गए हैं। दी गुड़ खांडसारी एंड ग्रेन मर्चेंट्स एसोसिएशन के मंत्री श्याम सिंह सैनी का कहना है कि लंबे समय बाद ऐसा हुआ है कि इतने अधिक समय तक मौसम खराब रहा। सबसे बड़ी परेशानी बारिश होने के कारण हुई, जिसमें सूखा ईंधन भी भीग गया। यही कारण रहा एक माह तक तो पूरी तरह आवक प्रभावित रही। प्रतिदिन 500 गुड़ के कट्टे तक नहीं आए। इस समय आवक बढ़नी शुरू हो गई है, इस समय दस से 12 हजार गुड़ के कट्टे प्रतिदिन मंडी में आ रहे है। अब यह लगातार बढ़ने की संभावना है।
शीत गृह भंडारण
अंबा 7946 कट्टे
ग्राम विकास 78153 कट्टे
एचएम 77931 कट्टे
मनोहर 106267 कट्टे
मनोरंजन 42363 कट्टे
एमजी 77265 कट्टे
वर्धमान 51018 कट्टे
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कुल योग 440943 कट्टे
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