गुड़ एक अच्छा इम्युनिटी बूस्टर
मुजफ्फरनगर। आंदोलन जनकल्याण के संयोजक प्रमोद कुमार ने बताया कि गांव देहात में कोल्हुओं में बनी गुड़, शक्कर आम आदमी की मिठाई हुआ करती थी। 90 के दशक तक गन्ने के उत्पादन में और उससे बनने वाले गुड़ व शक्कर में कोई केमिकल या हानिकारक रसायनिक पदार्थ इस्तेमाल नहीं होते थे। ज्यादा उत्पादन और पैसे की चाह में चाहे किसान हो या गुड़ शक्कर बनाने वाले कारोबारी सब लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ कर रहे हैं।
गुड़ पोषक तत्वों का भंडार है, जिसमें वह सभी चीजें मौजूद है, जो इंसान को ग्रोथ के लिए चाहिए। पोषक तत्वों के अलावा यह पेट साफ करने में भी महत्वपूर्ण रोल अदा करता है। प्रमोद कुमार ने बताया कि गांव सावटू- नंगले का गुड़ व शक्कर पुराने समय से मशहूर हैं, जिसकी सप्लाई जिला मुजफ्फरनगर के अलावा हरियाणा तक होती है। हरियाणा से बहुत सारे लोग मार्च-अप्रैल में वर्ष भर का खरीद कर ले जाते हैं। इस कोविड-19 महामारी में ताजे गन्ने से बना बिना केमिकल वाला गुड़ पिछले 15 दिनों से शाम को दूध के साथ इस्तेमाल कर रहा हूं। यह एक अच्छा इम्युनिटी बूस्टर है।