दारुल उलूम, देवबंद (फाइल फोटो)
- फोटो : DEVBAND
देवबंद (सहारनपुर)। दारुल उलूम में 24 फरवरी से शिक्षण कार्य आरंभ हो जाएगा। इसके साथ ही दारुल उलूम प्रबंधतंत्र ने मास्क लगाना अनिवार्य कर दिया है। इसके अलावा छात्रों के रहन सहन और कक्षाओं में प्रवेश को लेकर गाइड लाइन जारी की है।
दारुल उलूम के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी बनारसी की ओर से जारी की गई हिदायत में संस्था में आने वाले छात्रों के लिए मास्क के इस्तेमाल को अनिवार्य किया गया है। उन्होंने कहा कि मास्क के बगैर कमरों से बाहर न निकलें और न ही कक्षाओं में प्रवेश करें। अपना मास्क किसी दूसरे को इस्तेमाल के लिए न दें। इतना ही नहीं मोहतमिम मौलाना बनारसी ने कोविड-19 को ध्यान में रखते हुए छात्रों के इधर उधर थूकने पर भी पाबंदी लगाई है, साथ ही कहा कि खाना लेने के लिए लाइन में खड़े होने के लिए कम से कम छह फुट की दूरी बनाकर रखें। खाने के बर्तन ढककर रखें और पॉलिथीन के इस्तेमाल से बचें। रोटी को कपड़े से ढककर रखें तथा बर्तन लेने और देने से परहेज करें। उन्होंने बताया कि आसपास के जनपदों से छात्रों के संस्था में पहुंचने का सिलसिला शुरू हो चुका है। वहीं, मदरसा जामिया तुश शेख हुसैन अहमद अल मदनी के मोहतमिम मौलाना मुजम्मिल अली ने बताया कि संस्था में पहुंचने वाले छात्रों को स्वास्थ्य मंत्रालय की गाइडलाइन के अनुसार ही कक्षाओं में बैठने की अनुमित दी जा रही है। यदि कोई छात्र गाइडलाइन का पालन नहीं करेगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।