मुजफ्फरनगर। जिले में हेपेटाइटिस का खतरा बढ़ रहा है। जिला चिकित्सालय में ही रोजाना 20-25 मरीज हेपेटाइटिस के पहुंच रहे हैं। पहले सप्ताह में दो दिन इस बीमारी के मरीजों को परामर्श दिया जाता था, अब संख्या बढ़ने पर रोज परामर्श दिया जा रहा है।
जिला चिकित्सालय पुरुष में वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. योगेंद्र तित्रा ने बताया कि हेपेटाइटिस बी और सी दोनों ही संक्रमित इंजेक्शन और खून के कारण होती है। इन मरीजों का खून भी किसी दूसरे व्यक्ति को नहीं दिया जाता है। लीवर में सूजन होने के कारण भी हेपेटाइटिस रोग होता है। इस वायरल इन्फेक्शन के कारण जान को खतरा भी हो सकता है। हेपेटाइटिस के कई कारण हो सकते हैं। उन्होंने बताया कि जिला चिकित्सालय पुरुष में वैसे हेपेटाइटिस के मरीजों को मंगलवार और शुक्रवार को परामर्श दिया जाता है, लेकिन अब पिछले कई दिनों से रोजाना मरीजों को परामर्श देकर दवा वितरित की जा रही हैं।
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हेपेटाइटिस के लक्षण
- पीलिया हो जाना
- यूरीन का रंग बदलना
- बहुत अधिक थकान
- उल्टी या जी मिचलाना
- पेट दर्द और सूजन
- भूख ना लगना या कम लगना
- अचानक से वजन कम हो जाना
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इन बातों का रखें ध्यान
-प्याज और लहसुन का प्रयोग कर सकते हैं
- खूब पानी पिए, ताजे फलों का जूस पिएं
- मैदा से बने खाना और मीठी चीजों के सेवन से बचें
- भोजन को चबा-चबाकर खाएं।
- एक साथ भोजन करने की बजाए, कम मात्रा में 4-6 बार भोजन करें।