खतौली। भाकियू ने एक फरवरी के हाईवे चक्का जाम के लिए एड़ीचोटी का जोर लगा दिया है। ग्रामीण क्षत्रों में किसानों के साथ पंचायत कर आंदोलन को सफल बनाने का आह्वान किया जा रहा है।
गन्ने का एकमुश्त भुगतान और गन्ना मूल्य वृद्धि की मांग को लेकर एक फरवरी को भाकियू का हाईवे चक्का जाम है। जिलाध्यक्ष राजू अहलावत का कहना है कि इस बार आरपार की लड़ाई होगी। किसान धरना प्रदर्शन कर थक चुके है।
किसानों की आवाज को अनसुना किया जा रहा है। एक फरवरी को हाईवे पर किसानों का सैलाब नजर आएगा। इसके लिए गांव दर गांव पंचायत कर किसानों की ताकत को इकट्ठा किया जा रहा है।
रागिनी गायक सुरेश हड़ौली समेत अन्य कई कलाकारों ने भाकियू को समर्थन देते हुए किसानों के बीच कार्यक्रम प्रस्तुति करने को कहा है।
मोरना, बेहड़ा, धीराहेड़ी, छरौली, वजीराबाद, भोकरहेडी, शुक्रताल में शुक्रवार को पंचायत कर किसानों से आंदोलन को सफल बनाने का आह्वान किया।
खतौली क्षेत्र में गांव भंगेला में तहसील अध्यक्ष राजबीर सिंह गुर्जर के नेतृत्व में टिटौडा, टबीट, पिपलहेड़ा, आदमपुर मोचड़ी, ककराला आदि के किसानों की पंचायत हुई। ब्लॉक अध्यक्ष कपिल सोम ने समौली, रतनपुरी, सिकंदरपुर, कैलाशनगर आदि ग्रामों में पंचायत किया।
आंदोलन के लिए भाकियू ने किया जनसंपर्क
छपार। एक फरवरी के चक्का जाम को सफल बनाने के लिए भाकियू नेताओं ने जनसंपर्क अभियान किया। पश्चिमी उत्तर प्रदेश प्रभारी चंद्रपाल फौजी समर्थकों के साथ छपार पहुंचे। फौजी ने कहा कि गन्ने का भाव 380 रुपये प्रति कुंतल होना चाहिए।
कस्बे में भाकियू के नगराध्यक्ष मुशर्रफ के आवास पर फौजी ने एक फरवरी को नावला कोठी पर अधिकाधिक संख्या में पहुंचने का आह्वान किया। इस मौके पर मुर्सलीन, बबलू, बहार आलम, अय्यूब त्यागी, अरशद, इकबाल, अय्यूब, जाकिर प्रधान आदि मौजूद रहे। अध्यक्षता शमीम त्यागी और संचालन मंगता टिकैत ने किया।
मांग पूरी होने तक जाम नहीं खुलेगा
सिसौली। किसान भवन में किसानों को संबोधित करते हुए भाकियू अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने कहा कि किसान की ऐसी क्या गलती है, जो उसे न तो गन्ने का दाम मिल रहा है और न ही भुगतान हो रहा है। किसान आखिर अपने परिवार का भरण-पोषण कैसे करे।
उन्होंने प्रदेश सरकार को चेताया कि सरकार किसानों के मामले में गूंगी-बहरी हो गई है। सरकार को एक फरवरी में फाइनल जवाब देना होगा, नहीं तो किसान नावला कोठी पर अभूतपूर्व चक्का जाम करेंगे। संचालन ओमपाल बन्जी ने किया। दरियाव सिह, इलमचन्द, मांगेराम, रेशपाल आक्खी, प्रेम, फेरू सिंह समेत सैकड़ों किसान उपस्थित रहे।