पुरकाजी। उत्तम शुगर मिल खाईखेड़ी में वसंतकालीन गन्ना बुवाई के लिए किसान जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। कृषि वैज्ञानिकों गन्ने में लगने वाले लाल सड़न रोग के लक्षण व उसके निदान की जानकारी देते हुए बताया कि यह रोग संक्रमित भूमि होने के कारण लगता है। रोग दिखाई देने पर उस पौधे को उखाड़कर फेंक दें। गन्ने में पानी ना लगाएं।
मेले में किसान वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्व विद्यालय मेरठ से आए वैज्ञानिक डॉ राजेंद्र सिंह, डॉ विकास मलिक, गन्ना शोध केंद्र मुजफ्फरनगर से आए डॉ अवधेश डागर ने किसानों को फसलों में लगने वाले रोगों व रोगों के निदान के बारे में जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि पोटाश व सल्फर का प्रयोग करने से फसलों में रोग नहीं लगता है और फसलों में लगने वाले रोगों से को नष्ट करने की क्षमता पैदा करता है।
इसके अलावा गन्ना मोटा होता है। पोटाश अन्य पोषक तत्वों को भी पत्तियों तक लेकर जाता है। पोटाश का प्रयोग गन्ने की बुआई के समय व बाद में भी प्रयोग कर सकते हैं।
गन्ना बुवाई से पूर्व बीज उपचार,भूमि की तैयारी, संतुलित खाद का प्रयोग, फसलों में जैविक व रसायनिक नियंत्रण, कृषि यंत्र छोटे ट्रैक्टर, टैश मलवर आदि के स्टाल लगाए गए। कार्यक्रम में शंकर लाल शर्मा, डॉ. बीबी फ़ॉन्डे, शुगर मिल के यूनिट हैड विकास ठाकुर, सरदार सिंह राणा, संजीव कुमार, पवन जैनर, अनिल चौहान, प्रदीप कुमार,दिनेश शर्मा, विवेक राठी, धीरज त्यागी मौजूद रहे।क
4 पुरकाजी की उत्तम शुगर मिल में आयोजित किसान जागरूकता मेले कार्यक्रम में बोलते वक्ता।