भारतीय किसान संगठन के राष्ट्रीय नेता ठाकुर पूरण सिंह गांव धौलरा में ग्रामीणें की बैठक लेते।
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किसानों को न्याय नहीं मिला तो आंदोलन होगा : पूरण
मुजफ्फरनगर, तितावी। धौलरा में ग्रामीणों के पलायन की चेतावनी दिए जाने को लेकर भारतीय किसान संगठन के नेतृत्व में पंचायत का आयोजन किया गया। पंचायत में पीड़ितों को न्याय दिलाने पर वार्ता की गई। बैठक में दोबारा चकबंदी करने की मांग की गई। साथ ही कहा कि न्याय नहीं मिला तो आंदोलन किया जाएगा।
तितावी के गांव धौलरा के लगभग 50 किसानों ने अपने घर पर मकान बिकाऊ है के नोटिस चस्पा किए हुए हैं। जिसमें गांव से पलायन करने की चेतावनी दी है। उनका कहना है कि उनकी जमीन पानीपत-खटीमा राजमार्ग के चौड़ीकरण में आ रही है। आरोप है कि कुछ काश्तकारों की जमीन को तितावी और धौलरा के कुछ किसानों ने चकबंदी अधिकारियों से सांठगांठ करके अपने नाम करा ली। इसी को लेकर बृहस्पतिवार को धौलरा में पंचायत हुई। पूर्व प्रधान बाबूराम ने दो बड़े नेताओं के इशारे पर ये सब होने का आरोप लगाया। कहा कि इसी कारण किसान गांव से पलायन करने को मजबूर है। इस पर 80 लोगों ने आपत्ति दाखिल की थी, जो खारिज कर दी गई।
पंचायत में भारतीय किसान संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर पूरण सिंह ने कहा कि चकबंदी रोकना हमारा ध्येय नहीं है। लेकिन चकबंदी ठीक हो। मूल जोत की जमीन जहां है वहीं रहनी चाहिए। किसान नंदलाल ने बताया कि उसकी 26 बीघा जमीन जिसमे ट्यूबवेल भी है, 13 बीघा खादर में भेज दी और 13 बीघा सांठ गांठ करके दूसरे को दे दी। हरपाल और कल्लू ने बताया कि उनकी छह बीघा जमीन में से तीन बीघा खादर और कुछ दूर दे दी। ऐसे ही 80 किसानों को बर्बाद कर दिया। जिसमें आर्य कुमार, बाबूराम, धीरसिंह, सुखपाल, मोहन, विजयपाल, ईश्वर, धीरसिंह आदि है। पूरण सिंह ने चेतावनी दी कि न्याय नहीं हुआ तो आंदोलन होगा। ठाकुर पूरण सिंह ने इस मामले में एडीएम प्रशासन से बात की। एडीएम ने कहा कि किसी के साथ भी गलत हुआ है तो पूरे गांव की जांच कराकर दोबारा चकबंदी की जाएगी। अश्वासन के बाद पंचायत समाप्त हुई।