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Muzaffarnagar News: जान बचाई थी, अब नवजात को बनाना चाहते हैं जिंदगी

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संवाद न्यूज एजेंसी
जानसठ। कस्बे में मिले नवजात की जान बचाने वाला परिवार अब उसे ताउम्र अपने पास रखना चाहता है, लेकिन अभी तक सहमति नहीं बनी। सीएमओ के अलावा अन्य अधिकारियों ने बच्चे को इस तरह गोद देने से इंकार कर दिया है। तीन दिन से सफाई कर्मचारी शुभम और उसका परिवार जिला अस्पताल में मौजूद हैं। सफाई कर्मी का कहना है कि वह खुद नवजात शिशु को गोद लेना चाहता है।
सफाई कर्मचारी शुभम ने बताया कि उसकी शादी को चार साल हो गए, लेकिन उसकी पत्नी को अभी तक कोई औलाद नहीं हुई है। मंगलवार को उन्होंने नवजात शिशु को गोद लेने के लिए सीएमओ डॉ. सुनील तेवतिया से मुलाकात की। सीएमओ ने शिशु को गोद देने से इंकार कर दिया है। कानून का हवाला दिया गया।
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इसके अलावा अन्य अधिकारियों ने भी नवजात शिशु को गोद देने के लिए इंकार कर दिया है, जिसको लेकर सफाई कर्मचारी और उसका परिवार निराश हो चुका है।
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इनसेट
क्या था मामला

रविवार सुबह नगर पंचायत के सफाई कर्मचारी सुनील भाटिया और शुभम पुराने नगर पंचायत कार्यालय के पास से कूड़े को उठा रहे थे। इस दौरान कूड़े के ढेर मे पड़े बैग में नवजात शिशु मिला था। शुभम ने अपने घर पर पहुंच कर अपनी मां गीता को बताया। शुभम की मां ने तुरंत कपड़े में नवजात शिशु को लपेटकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पहुंची, जहां पर चिकित्सकों ने नवजात को जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। जिला अस्पताल स्थित नर्सरी में नवजात शिशु का उपचार चल रहा है। नवजात शिशु बिल्कुल स्वस्थ है।
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