- पार्टी संगठन में काम करने वालों को मिलती है बड़ी जिम्मेदारी
संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि जो कार्यकर्ता टिकट न मिलने से दुखी है हताश न हों। मैने आज तक चुनाव नहीं लड़ा। आज पार्टी ने प्रदेश अध्यक्ष बना दिया। कौशल विकास राज्यमंत्री कपिल देव की ओर इशारा करते हुए कहा कि यह चुनाव लड़कर राज्य मंत्री हैं और मैं कैबिनेट मंत्री रहा हूं।
भाजपा कार्यालय पर स्वागत के बाद उन्होंने कहा कि भाजपा में कार्यकर्ताओं का सम्मान है। यहां कार्यकर्ता ही बड़े पद पर पहुंचता है। जिन्हें टिकट नहीं मिला, कोई भी कार्यकर्ता निराश न हो ताकत के साथ मीनाक्षी स्वरूप को चुनाव जिताने का काम करें। हर कार्यकर्ता का सम्मान होगा। हमारे लिए पार्टी सर्वोपरि है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वह सब गिले शिकवे भुलाकर एकजुट होकर पार्टी प्रत्याशियों को चुनाव लड़वाएं।
इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ संजीव बालियान, राज्य मंत्री कपिलदेव अग्रवाल, क्षेत्रीय अध्यक्ष सतेंद्र सिसौदिया, जिलाध्यक्ष विजय शुक्ला, प्रदेश उपाध्यक्ष मोहित बेनीवाल, निकाय के चुनाव प्रभारी सूर्यप्रकाश पाल, प्रदेश महामंत्री सुभाष यदुवंशी, प्रदेश मंत्री बसंत त्यागी, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ वीरपाल निर्वाल, पूर्व सांसद भारतेंद्र सिंह, सोहनवीर सिंह, पूर्व विधायक मिथलेश पाल, अशोक कंसल, उमेश मलिक, विक्रम सैनी, प्रमोद ऊटवाल, सपना कश्यप, प्रमुख अमित, गौतम, अक्षय पुंडीर, अरविंद त्यागी, श्रीमोहन तायल, अंजू अग्रवाल, बबीता गुप्ता, दीपिका गोयल, राहुल गोयल, पूर्व जिलाध्यक्ष सुधीर सैनी, सतपाल पाल, यशपाल पंवार, रूपेंद्र सैनी, संजय अग्रवाल आदि रहे।
टिकट न मिलने पर जताई नाराजगी
भाजपा कार्यकर्ता सीमा गोस्वामी गांधीनगर क्षेत्र से टिकट मांगा था। वह कार्यक्रम में आई तो उसने केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ संजीव बालियान और कपिलदेव अग्रवाल के सामने अपनी भावनाएं रखी। टिकट नहीं मिलने से वह आहत दिखाई दी। वहीं शेरपाल पांचाल और उनके साथियों ने टिकट नहीं मिलने पर प्रदेश अध्यक्ष के सामने अपना अपना पक्ष रखा।
भूपेंद्र प्रजापति नहीं भर पाए नामांकन
भाजपा के एक मात्र सभासद प्रत्याशी भूपेंद्र प्रजापति ऐसे रह गए जो अंतिम दिन नामांकन भरने की प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाए। उनका वार्ड 29 से नामांकन नहीं हो पाया। बड़ी बात यह थी कि भूपेंद्र को खुद संजीव बालियान चुनाव लड़ा रहे थे और अपनी पत्नी सुनीता बालियान को इनके चुनाव की जिम्मेदारी थी। भूपेंद्र नामांकन ही दाखिल नहीं कर पाए।