दहेज हत्या के दोषी पति को 10 साल की कैद
मुजफ्फरनगर। शादी के चार माह बाद ही अतिरिक्त दहेज न मिलने पर नवविवाहिता की हत्या करने के मामले में फास्ट ट्रैक प्रथम कोर्ट ने पति को दस साल की कैद और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। वारदात के महज ढाई साल बाद कोर्ट ने फैसला दिया है।
शाहपुर थाना क्षेत्र के गांव मीरापुर निवासी रूबी की शादी छह फरवरी 2017 को गांव काकड़ा निवासी मोहित के साथ हुई थी। आरोप है कि शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष द्वारा अतिरिक्त दहेज की मांग को लेकर रूबी को प्रताड़ित किया जाने लगा। पति मोहित ने 19 जून को रूबी को शाहपुर कस्बे में महिला चिकित्सक को दिखाया, जिसने रूबी के गर्भाशय में इंफेक्शन बताया। इसके बाद 28 जून को मोहित नवविवाहिता को क्लीनिक ले गया और वहां से लौटकर देर रात पीट-पीटकर रूबी की हत्या कर दी। आरोपियों ने मायके पक्ष पर दबाव डालकर उसी रात शव का अंतिम संस्कार भी कर दिया। अगले दिन 29 जून को रूबी के पिता शिवकुमार ने मोहित के खिलाफ दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने जलती चिता से शव की हड्डियां निकालकर जांच के लिए भेजी थीं।
एडीजीसी विरेंद्र नागर ने बताया कि सेशन सुपुर्द होने पर मुकदमे की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम में न्यायाधीश सुमित पंवार के समक्ष हुई। इसमें एडीजीसी विरेंद्र नागर ने पुख्ता सुबूत पेश करते हुए छह लोगों को बतौर गवाह पेश किया। न्यायाधीश ने ठोस गवाह व दलीलों के आधार पर आरोपी पति मोहित को हत्या का दोषी करार दिया। एडीजीसी ने बताया कि शुक्रवार को कोर्ट ने मोहित को दस साल कैद और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।