अदालत ने विवाहिता की हत्या के मामले में पति समेत चार को उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही 12-12 हजार रुपये का जुर्माना भी किया है। मंसूरपुर थाना क्षेत्र के गांव जड़ौदा में वर्ष 2015 को ससुराल वालों ने विवाहिता खुशनुमा की दहेज की खातिर जहर देकर हत्या कर दी थी।
मंसूरपुर थाने पर मृतका के भाई अय्यूब ने पति रिजवान, ससुर शरीफ, सास मुनीबा, देवर महराज व सरताज के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। इस मुकदमे की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में हुई। एफटीसी प्रथम के जज राजेश भारद्वाज ने दोनों पक्षों को सुनते हुए पति रिजवान, ससुर शरीफ, सास मुनीबा और देवर महराज को विवाहिता की हत्या करने पर उम्र कैद और 12-12 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। कोर्ट ने पांचवें नामजद आरोपी देवर सरताज को बरी कर दिया है, क्योंकि वह घटना के समय विदेश में था।
पति और ससुर को सात साल की सजा
मुजफ्फरनगर। कोर्ट ने शामली के अनिता हत्याकांड में पति आशीष और ससुर जसबीर को 7 वर्ष की सजा व 4-4 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। इस मामले की सुनवाई भी फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या एक के जज राजेश भारद्वाज की कोर्ट में हुई। अनीता की शामली के रेल पार मोहल्ले में 2 मार्च 2007 को दहेज की खातिर हत्या कर दी थी।