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Muzaffarnagar News: नाव लेकर नदी में उतरे शिकारी, मछलियां और कछुए निशाना

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मोरना। हस्तिनापुर वन्य जीव अभ्यारण क्षेत्र की बाणगंगा और गंगा में शिकारियों ने 25 किमी तक अवैध शिकार का जाल बिछा दिया है। मछलियों के अलावा कछुए को शिकार किया जा रहा है। उत्तराखंड से लेकर पश्चिम उत्तर प्रदेश में अलग-अलग जगह मछलियों की सप्लाई की जाती है। बिजनौर का नवलपुर गांव केंद्र बन गया है।
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खादर के मजलिसपुर तौफीर, कल्याणपुर, धारीवाल में नदी किनारे रोजाना शिकारी नाव पर सवार होकर नदी में उतरते हैं। बिजनौर से गंगा से होते हुए सहायक स्रोत बाणगंगा तक पहुंचते हैं और मछलियों को पकड़कर पेटी में बंद करते हैं। रोजाना सुबह बड़ी नाव में शिकारियों का ग्रुप पहुंचता है और छोटी नाव से शिकार की गई मछलियों को एकत्र कर नवलपुर और अन्य सुरक्षित ठिकानों पर ले जाया जाता है। मेरठ और दिल्ली भी मछलियों की सप्लाई की जाती है।
शुक्रवार को खुलेआम शिकारी नदी में घूमते रहे लेकिन वन विभाग की टीम नहीं जागी। हस्तिनापुर वन्य जीव अभ्यारण क्षेत्र में शिकारियों के उतर जाने से वन जीवों को खतरा है। ग्रामीण बताते हैं कि सिर्फ जलीय जीवों का नहीं बल्कि नदी के बीच-बीच में बने टापू पर अन्य जीवों का शिकार भी किया जा रहा है।
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आठ सौ रुपये किलो तक मिल रहे दाम
नदी से मछली पकड़कर महंगे दामों में बेची जाती है। दाम 100 से आठ सौ रुपये किलो तक मिलते हैं। बिजनौर से लेकर मुजफ्फरनगर के बीच शिकारी रोजाना पहुंचते हैं। इसके बाद छोटी नाव के जरिए उत्तराखंड की सीमा से मुख्य गंगा नदी तक शिकार करते हैं।
सोली मछली की मांग सबसे ज्यादा
शिकारी नदी में सोली मछली की तलाश में सबसे ज्यादा पहुंच रहे हैं। बाजार में आठ सौ रुपये प्रति किलो तक रेट है। खरीदारों को भी यही पहली पसंद है।
दो साल में रोज शिकार...पकड़े गए सिर्फ चार
ग्रामीण बताते हैं कि शिकारी रोज नाव लेकर पहुंचते हैं। जबकि वन विभाग के आंकड़े बता रहे हैं कि दो साल में चार शिकारी पकड़े गए हैं और पांच नाव जब्त की है। यह स्थिति तब है जबकि वन्य क्षेत्र में बड़ी संख्या में शिकार का सिलसिला चल रहा है।
डीएफओ राजीव कुमार ने बताया कि इन दिनों पानी वाले क्षेत्र में प्रवासी पक्षी आए हुए है। ऐसे ही प्रवासी कौआ व मछलियों को पकड़ने का मामला सामने आया। इस मामले में गहनता से जांच व कार्रवाई की जा रही है।
मछली का शिकार, एक पकड़ा, जमानत अर्जी खारिज

मुजफ्फरनगर / मोरना। वन विभाग की सीमा उत्तराखंड के लक्सर से सटी है। लक्सर क्षेत्र के शिकारी नाव लेकर क्षेत्र के गांव मजलिसपुर तोफिर, कल्याणपुर, बिहारगढ़ घाट, धारीवाला, जीवनपुरी, बान गंगा खादर में मछलियों व प्रवासी पछियों का शिकार करने के लिए पहुंच जाते हैं। वन विभाग टीम ने लक्सर के गांव जोगावाला निवासी नजाकत को नाव सहित पकड़ा। नाव से जाल, मछली व प्रवासी पक्षी कौआ को बरामद किया। मछली व कौआ पानी में छोड़ कर नाव व शिकारी को गिरफ्तार कर लिया। मुकदमा दर्ज कर उसे कोर्ट में पेश किया। उसे जेल भेज दिया गया। वन विभाग के मोरना के रेंजर रविकांत वशिष्ठ ने बताया कि टीम ने तीन आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। मछली व कौआ को पानी में छोड़ने के बारे में कागजों में इंद्राज किया गया है। बताया गया कि आरोपी शिकारी को वन विभाग टीम ने कोर्ट में पेश किया तो उसे जेल भेज दिया गया। शुक्रवार को उसकी जमानत के दस्तावेज कोर्ट में दाखिल किए गए। कोर्ट ने जमानत अर्जी को खारिज कर दिया।
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