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आयकर में छूट की उम्मीद पर फिरा पानी

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तेग बहादुर। - फोटो : MUZAFFARNAGAR
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आयकर में छूट की उम्मीद पर फिरा पानी
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मुजफ्फरनगर। बजट में आयकर सीमा को नहीं बढ़ाया गया है। मध्यम वर्ग के लोगों की नजरें इस बजट को लेकर इसी पर टिकी थी। उद्यमी इस बजट को उद्योगों के लिए लाभकारी मान रहे है। कर्मचारियों को बजट ने निराश किया है। टैक्स में गलती को सुधारने के लिए दो वर्ष तक का मौका, पेंशन पर टैक्स में छूट आदि अच्छे प्रावधान भी लागू किए गए हैं।
उद्यमी और व्यापारी मान रहे लाभकारी
उद्यमी एवं आईआईए के चेयरमैन विपुल भटनागर का कहना है कि इस बार का बजट अगले 20-25 साल का विजन दिखाता है, ग्रीन इकॉनमी को बढ़ावा देने वाला, इंफ्रास्ट्रक्चर को 20 हजार करोड़, लघु व सूक्ष्म उद्योग को प्रोत्साहन, लॉजस्टिस का किराया कम होने से उद्योगों को राहत व महंगाई कम करेगा। इनकम टैक्स में राहत की उम्मीद थी, उसमें निराशा हुई।
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उद्यमी कुश पुरी का कहना है कि बजट ऐतिहासिक व भविष्य दर्शी है। इस बजट को प्रधानमंत्री के पांच ट्रिलियन इकनॉमी के लक्ष्य की ओर एक बड़ा कदम बताया। 7.50 लाख करोड़ के पूंजी निवेश की घोषणा भारत के उद्योग में एक नई जान फूंक देगी। इसी के साथ नल से जल योजना के लिए 60 हजार करोड़, प्रधानमंत्री आवास के लिए 48 हजार करोड़ की घोषणा भी लघु उद्योगों से लेकर बड़े उद्योग तक सभी को इसका लाभ मिलेगा। देश में आर्थिक गतिविधियां तेज होंगी। बड़ी संख्या में रोजगार का सृजन होगा। नाबार्ड के नेतृत्व में बनाया गया स्टार्टअप फंड ग्रामीण क्षेत्रों में उद्यमिता को बढ़ावा देगा और खाद्य प्रसंस्करण और अन्य माध्यमों से विश्व में हमारे कृषि उत्पादों का डंका बजाने में सहयोगी होगा।
नईमंडी के व्यापारी हर्षवर्धन जैन का कहना है कि बजट राष्ट्र हित में है, सरकार ने उन वस्तुओं की इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाई जिन वस्तु का निर्माण देश में अच्छी मात्रा में होता है। विदेशी सामान की डिमांड कम होगी एवं स्वदेशी सामान ज्यादा बिकेगा, जिससे युवाओं को नौकरियां ज्यादा प्राप्त होंगी, कच्चे माल की ड्यूटी कम की है, इससे महंगाई कम होगी।
कर्मचारियों को बजट ने निराश किया
विकास भवन में कर्मचारी अरविंद बालियान का कहना है कि कर्मचारियों को यह उम्मीद थी कि आयकर में छूट बढ़ाई जाएगी, लेकिन ऐसी कोई घोषणा नहीं होने से निराशा हाथ लगी है।
जिला सहकारी बैंक में कार्यरत मनोज कुमार का कहना है कि सरकारी कर्मचारियों के लिए बजट में कोई विशेष सुविधा नहीं दी गई है। आयकर की छूट की उम्मीद टूटी है।
विकास की रफ्तार बढ़ाएगा बजट
डीएवी पीजी कॉलेज की अर्थशास्त्र की विभागाध्यक्ष डॉ. सुषमा सैनी का कहना है कि केंद्रीय बजट में 25 साल का रोड मैप प्रस्तुत किया गया है। अर्थव्यवस्था 9.27 प्रतिशत विकास दर के साथ आगे बढ़ रही है। बजट में व्यय में वृद्धि करके 39.45 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्र रोजगार सृजन पर ध्यान दिया गया है। सरकार ने 60 लाख नौकरी देने का दावा किया है। इसके लिए पांच नदियों पर परियोजनाएं, सिंचाई-पेयजल की योजनाएं, नेशनल हाईवे का 25 हजार किलोमीटर तक का विकास का प्रावधान किया गया है जिससे रोजगार का सृजन होगा तथा विनियोग में भी वृद्धि होगी। अर्थव्यवस्था को सरल बनाने के लिए डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा दिया गया है। बजट में किसानों का ध्यान रखते हुए कृषकों को वित्तीय सुविधाएं जैसे - कृषि यंत्रों पर छूट, यूरिया पर सब्सिडी, सोलर पैनल की व्यवस्था, ऑर्गेनिक खेती को बढ़ावा आदि प्रदान करने का प्रावधान किया गया है।
गृहिणियों का नहीं रखा ख्याल
गृहिणी रक्षंदा अग्रवाल का कहना है कि बजट में महिला उत्थान की तो योजनाएं संचालित की गई है। महिलाओं के रसोई के बजट पर फोकस नहीं किया गया है। सरकार ने रसोई गैस की कीमतों पर अंकुश लगाने का कोई कार्य नहीं किया है।
टैक्स स्लैब में आमजन को नहीं मिली राहत
आयकर के वरिष्ठ अधिवक्ता एमआर सैनी का कहना है कि इस बार के बजट में सरकार ने टैक्स स्लैब में आमजन को कोई राहत नहीं दी हैं जो मिलनी अनिवार्य थी, क्योंकि लगातार कई वर्षों से सरकार द्वारा आयकर सीमा को नहीं बढ़ाया गया है। कोरोना महामारी में भी आयकर में छूट दी जानी चाहिए थी, जो नहीं दी गई है। न ही 80 सी में रिबेट बढ़ाई गई है। आमजन को निराशा हुई हैं, कुछ अच्छे नियम जिसमें आयकरदाता को रिटर्न में हुई गलती को सुधारने के लिए दो वर्ष तक का मौका, कॉरपोरेट टैक्स में कमी, दिव्यांगो को टैक्स में छूट, पेंशन पर टैक्स में छूट आदि अच्छे प्रावधान भी लागू किए गए हैं।
वरिष्ठ अधिवक्ता तेगबहादुर का कहना है कि यह बजट पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने वाला है। कारपोरेट के सरचार्ज टैक्स में कमी की गई है। इनकम टैक्स के स्लैब में कोई राहत नहीं दी गई है। किसानों को ऋण के ब्याज में न तो कोई छूट दी गई है और ही छूट की लिमिट को बढ़ाया गया है।
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अधिवक्ता निशांत धीमान का कहना है कि बजट को हम पूरी तरह से जनहित का कह सकते हैं। यह बजट देश में जीडीपी में तो ग्रोथ करेगा। देश की इकनॉमी को बढ़ाएगा, लेकिन आम आदमी को सीधे कोई लाभ नहीं होगा। आयकर में छूट की उम्मीद टूटी है।

हर्षवर्धन जैन्।- फोटो : MUZAFFARNAGAR

रक्षंदा अग्रवाल।- फोटो : MUZAFFARNAGAR

सुषमा सैनी।- फोटो : MUZAFFARNAGAR

निशांत धीमान।- फोटो : MUZAFFARNAGAR

विपुल भटनागर।- फोटो : MUZAFFARNAGAR

कुशपुरी।- फोटो : MUZAFFARNAGAR

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