मंसूरपुर। गांव नरा में दामाद कुलदीप के घर ससुर होमगार्ड चंद्रसेन (58) ने शुक्रवार की सुबह फांसी का फंदा लगा कर आत्महत्या कर ली। सूचना पाकर पुलिस ने शव मोर्चरी भेज दिया है। परिजनों का कहना है कि वह बीमार रहने के कारण मानसिक रूप से परेशान चल रहा था।
तितावी के गांव साल्हाखेड़ी निवासी होमगार्ड चंद्रसेन की ड्यूटी कांवड़ यात्रा के दौरान शहर कोतवाली की तरफ से जिला अस्पताल लद्धावाला मोड़ पर लगी थी। वह पिछले आठ दिनों से वहां ड्यूटी कर रहा था। चूंकि उसका घर दूर पड़ता था, इसी के चलते वह थाना मंसूरपुर के गांव नरा में रहने वाले अपने दामाद कुलदीप के घर ड्यूटी समाप्त होने पर चला जाता था।
बृहस्पतिवार को शाम के समय ड्यूटी समाप्त होने पर वह दामाद के घर चला गया था। बृहस्पतिवार रात में परिवार के सभी सदस्य अंदर कमरों में सो रहे थे। जबकि वह बाहर बरामदे में अकेला सोया हुआ था।
सुबह के समय परिवार के लोग जब बाहर निकले तो उन्हें चंद्रसेन का शव गमछे के सहारे खूंटी पर लटका मिला। उन्होंने शव को नीचे उतारा तथा पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर छानबीन की तथा शव को मोर्चरी के लिए भिजवा दिया।
गांव में मृतक के परिवार में पत्नी विमलेश, दो पुत्र व दो पुत्रियां है। सभी बच्चों की शादी हो चुकी है। एक पुत्र दीपक रेलवे पुलिस तथा दूसरा आशु पीएससी में तैनात हैं। पारिवारिक लोगों से पता चला कि वह बीमार रहने के साथ ही मानसिक रूप से परेशान था। मृतक ने अपने बेटे आशु को भी बृहस्पतिवार को अपनी बीमारी का हवाला देकर अपने पास बुलाया था। परिवार में शोक छाया है। सीओ रुपाली राय ने बताया कि परिजनों ने इस मामले में अभी तहरीर नहीं दी है।