जिले में 1,146 स्थलों पर होगा होलिका दहन
मुजफ्फरनगर। होली और शब-ए-बरात के उपलक्ष्य में अगले तीन दिन जनपद में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रहेगी। जनपद में कुल 1,146 स्थानों पर होलिका दहन होगा। शहर क्षेत्र में 195 स्थानों पर होलिका दहन होगा। शब-ए-बरात का भी पर्व मनाया जाएगा। इसे लेकर संवेदनशील स्थलों को चिह्नित कर विशेष सतर्कता बरती जाएगी। वहीं, दोपहिया को भी लेकर विशेष चेकिंग अभियान चलाया जाएगा।
रविवार को होलिका दहन व शब-ए-बरात का प्रमुख पर्व दोनों वर्गों के लोगों द्वारा मनाया जाना है। इसके साथ ही सोमवार को रंगोत्सव भी मनाया जाएगा। इसे लेकर जनपद में अगले तीन दिन तक कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रहेगी। शहर में शहर कोतवाली क्षेत्र के 95, सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के 32 व नई मंडी कोतवाली क्षेत्र के 68 होलिका दहन स्थलों पर शनिवार रात से ही लगातार सुरक्षा रहेगी। स्थानीय फोर्स के साथ ही दो कंपनी पीएसी और मेरठ से आए सौ स्पेशल रिक्रूट जवान सुरक्षा का जिम्मा संभालेंगे। एसएसपी अभिषेक यादव ने बताया कि दोनों वर्गों के प्रमुख त्योहारों को लेकर कुछ संवेदनशील स्थल भी चिह्नित किए गए हैं, जहां विशेष सुरक्षा इंतजाम रहेंगे।
शाम 6.30 बजे से शुरू हो जाएगा मुहूर्त
मुजफ्फरनगर। पंडित ध्यानचंद कुश ने बताया कि रविवार को शाम 6.30 बजे से प्रदोष काल शुरू हो जाएगा, इसके साथ ही होलिका दहन का मुहूर्त भी शुरू होगा। शुभ मुहूर्त के बाद करीब दो घंटे की अवधि तक होलिका दहन किया जा सकेगा। होलिका को खरीफ की नवागंतुक फसल गेहूं का भी भोग लगाया जाएगा। होलिका जलने के साथ ही मौसम में ग्रीष्म ऋतु का विधिवत आगमन हो जाएगा।
सर्वसिद्धि के लिए होलिका में दें आहुति
मुजफ्फरनगर। ज्योतिष संजय सक्सेना ने बताया कि होलिका दहन में सर्व प्रकार की सिद्धि के लिए आहुति देनी चाहिए। इसमें हवन सामग्री, जौ, काले तिल, गुग्गल, सरसों, कपूर, कमल गट्टा और जायफल एक साथ मिलकर गायत्री मंत्र का जाप करते हुए आहुति देनी चाहिए। व्यापार वृद्धि, कर्ज अदायगी, पितृ शांति, स्वस्थ जीवन और सुख-समृद्धि जैसे सभी मनोरथ इस एक उपाय से सिद्ध होते हैं।