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‘होली का त्योहार आया, खुशियां अपार लाया’

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सरिता जैन - फोटो : DEVBAND
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देवबंद (सहारनपुर)। होली के उपलक्ष्य में होली के रंग कवियों के संग कवि सम्मेलन आयोजित किया गया। जिसमें कवियों ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं को सराबोर कर दिया।
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मंगलौर पुलिस चौकी स्थित बैंक्वेट हॉल में कार्यक्रम का उद्घाटन समाजसेवी साक्षी बेनिवाल ने फीता काटकर, भाजपा नेता राकेश गांगुली ने दीप प्रज्ज्वलित एवं पूर्व सभासद अय्यूब बेग ने शमा रोशन कर किया। मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण अधिवक्ता मनोज बंसल ने किया। कार्यक्रम का शुभारंभ बलराज मलिक की सरस्वती वंदना से हुआ। मनोज सारस्वत ने कहा दिन बसंती हो गया हुई फागुनी रैन, सतरंगी होने लगे दो शर्मीले नैन। दिल्ली की सरिता जैन ने कहा सोने जैसी गेहूं की ये बालियां उछल रहीं हैं, सर पर आज किसी ने बांधा है कोई ताज। हरिप्रकाश शर्मा ने कहा ना तुम्हारी ना हमारी होली सबकी सांझ ली, सबको भिगोती है ये फागुन की बादली। विनय प्रताप ने कहा होली का त्योहार आया, खुशियां अपार लाया, प्यार का ही उपहार आज बांट लीजिए, हास परिहास और मन में भरे उल्लास, क्षण कुछ खास आज आयो छांट लीजिए। जयपुर की शोभना ऋतु ने कहा कि खींचकर पिचकारी बोले कृष्ण मुरारी, राधा रानी आज बचकर कहां जाओगी, अंबुआ के बौर खिले भंवरे कली से मिले, कैसे हो तुम दूर रहकर मुझको सताओगी। प्रमोद कुमार प्रेम ने कहा आतंक हिंसा द्वेष सब होली संग जल जाए, अंतस उमड़े प्रेम रस ऐसा रंग बरसाए। बलराज मलिक ने कहा नीले पीले चेहरे हैं यहां सब में नूर समाया है, सब मिलकर खेले रंगों से होली का दिन शुभ आया है। इनके अलावा प्रांशु जैन, राम शंकर सिंह, मशरूर ताबिज, रितिका थपरियाल आदि ने भी काव्य पाठ किया। अध्यक्षता राजकिशोर गुप्ता व संचालन विनय प्रताप व सलीम कुरैशी ने किया। इस मौके पर अधिवक्ता मनोज सिंघल, डा. बी.पी. सिंह, चौधरी ओमपाल सिंह, मास्टर हनीफ, आदेश चौहान, अरविंद कुमार, कुणाल धीमान, महबूब, डॉ. कल्याण देशवाल, संजय विवेक व गौरव विवेक आदि रहे।

मनोज सारस्वत- फोटो : DEVBAND

शोभना- फोटो : DEVBAND

विनय प्रताप- फोटो : DEVBAND

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