अधिकारियों से वार्ता करते किसान।
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छपार में नेशनल हाईवे निर्माण में ली गई किसानों की जमीन का मुआवजा न मिलने पर किसानों ने भाकियू के नेतृत्व में ऐरा कंपनी के प्लांट को बंद कराकर वहां पहुंचे अधिकारियों को बंधक बना लिया। दस अप्रैल तक मुआवजे का भुगतान करने के आश्वासन के बाद ही अधिकारियों को मुक्त किया। किसानों ने बताया कि गांव बरला, फलौदा, हरेटी, पुरकाजी, सलेमपुर भूराहेडी, लखनोती के किसानों का सात करोड़ रुपये से अधिक मुआवजा बकाया है।
इसके लिए कई बार सड़क निर्माण को रुकवा कर ऐरा कंपनी के प्लांट पर धरना, प्रदर्शन कर मुआवजे की मांग की गई। एसडीएम सदर व अन्य प्रशासनिक अधिकारियों ने दस दिन का आश्वासन दिया था, लेकिन मुआवजा नहीं मिला। छह माह से वादे करते आ रहे हैं।
शुक्रवार को किसानों ने हंगामा कर प्लांट का बंद करा दिया। किसानों ने अधिकारियों को मौके पर बुलाकर मुआवजा दिलाने की मांग रखी। तहसीलदार न्यायिक और एनएचएआई, प्रबंधक एसके वर्मा मौके पर पहुंचे तो गुस्साए किसानों ने उन्हें बंधक बना लिया।
वार्ता के बाद उच्चाधिकारियों से फोन पर बात कर किसानों को दस अप्रैल तक भुगतान करने का आश्वासन दिया। इसके बाद अधिकारियों को बाद मुक्त कर दिया। भाकियू के ब्लॉक अध्यक्ष संजय त्यागी, अशोक भगत, बिट्टू राठी, प्रधान हरिओम, जसवंत त्यागी, जफर मियां, रामनाथ त्यागी, सुरेंद्र सिंह, अरविंद त्यागी, संदीप राठी आदि किसान मौजूद रहे।