मुजफ्फरनगर। प्रशासन ने इस बार कांवड़ मेला शुरू होते ही हाईवे को बंद करने का निर्णय लिया है। इसके लिए सबसे पहले बड़े वाहन फिर छोटे और बाद में इसे पूरी तरह से बंद करने का निर्णय लिया है। 20 जुलाई से शुरू होने वाले मेलेे के दौरान इस बार लोगों को करीब 12 दिन तक हाईवे बंद को झेलना होगा। इस दौरान वैकल्पिक मार्गों से वाहनों को गुजारा जाएगा।
20 जुलाई के बाद जिले के लोगों को अपने कामों के लिए हाईवे से अलग दूसरे रास्तों से मुख्यालय आना होगा। करीब 12 दिन तक हाईवे को प्रशासन ने बंद करने का निर्णय लिया है। इस दौरान भोलों का ही हाईवे पर पूरी तरह से कब्जा रहेगा। आने-जाने और अपने जरूरी कार्यों के लिए लोगों को वैकल्पिक मार्गों से आना-जाना करना पड़ेगा।
व्यवस्था के अनुसार प्रशासन ने दिल्ली-हरिद्वार हाईवे, मुजफ्फरनगर-शामली और गंग नहर कांवड़ मार्ग को कांवड़ मेले के दौरान 20 जुलाई से बंद करने का निर्णय लिया है। इसमें 20 जुलाई से बड़े, 22 जुलाई से छोटे और 24 जुलाई से इस पूर्णतया बंद करने का निर्णय अधिकारियों ने लिया है। इसे जलाभिषेक के बाद ही खोला जाएगा।
कांवड़ मेले में रहेंगे बम निरोधक दस्ते
मुजफ्फरनगर। कावंड़ मेले को लेकर शासन की ओर से आतंकी हमले के संभावना के इनपुट के बाद पुलिस भोलों की सुरक्षा को लेकर कोई कोर कसर नहीं छोड़ना चाहती है। इस बार दो बम निरोधक दस्तों को कांवड़ मेले के लिए रखा जा रहा है।
एक दस्ता पुलिस को मिल चुका है, दूसरी की मांग शासन को भेजी गई है। कांवड़ मेले को लेकर चार दिन पूर्व गाजियाबाद में दिल्ली, यूपी, उत्तराखंड और हरियाणा के अधिकारियों की बैठक हुई थी। बैठक में अधिकारियों ने कांवड़ मेले पर आतंकी साया बताया था। आतंकी हमले की संभावना को मेले की सुरक्षा को लेकर एक बम निरोधक दस्ता जिला पुलिस को मिल चुका है।
एक दस्ते में करीब आठ लोगों की टीम होती है। अधिकारियों ने शासन से एक और दस्ते की मांग की है। जिसे की शासन की ओर से स्वीकृति मिलनी बाकी है। प्रदेश में तीन बम निरोधक दस्ते हैं। जिनमें से दो दस्तों को कांवड़ मेले की ड्यूटी में लगाया जा रहा है। प्रशासन आतंकी हमले की संभावना के चलते कांवड़ मेले को पूरी तरह से सुरक्षित करना चाहता है।