मुजफ्फरनगर। हेपेटाइटिस बी व सी (काला पीलिया) बेहद खतरनाक है। इससे ग्रसित 265 मरीजों का उपचार जिला चिकित्सालय में चल रहा है। पिछले पांच महीनों में 557 नए मरीजों का पंजीकरण हुआ है।
काला पीलिया कहे जाने वाले हेपेटाइटिस बी व सी के मरीजों में अधिक संख्या महिलाओं की है। जिला चिकित्सालय में काले पीलिया के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। फिलहाल हेपेटाइसिट रोगी 124 पुरुष और 141 महिलाओं का इलाज चल रहा है।
जिला चिकित्सालय पुरुष में वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. योगेंद्र त्रिखा ने बताया कि हेपेटाइटिस बी और सी दोनों ही संक्रमित इंजेक्शन, खून और संबंध बनाने के कारण होते हैं। इन मरीजों का खून भी किसी दूसरे व्यक्ति को नहीं दिया जाता है।
लीवर में सूजन होने के कारण भी हेपेटाइटिस रोग होता है। इस वायरल इन्फेक्शन के कारण जान को खतरा भी हो सकता है। हेपेटाइटिस एक जानलेवा संक्रमण है। इसके कई कारण हो सकते हैं।
उन्होंने बताया कि जिला चिकित्सालय पुरुष में वैसे हेपेटाइटिस के मरीजों को मंगलवार और शुक्रवार को परामर्श दिया जाता है, लेकिन अब रोजाना मरीजों को परामर्श देकर दवा वितरित की जा रही है।
इनसेट
पिछले पांच माह में नए मरीजों की संख्या
माह/2024
पुरुष
महिला
जनवरी
47
37
फरवरी
14
14
मार्च
78
105
अप्रैल
55
67
मई
67
73
इनसेट
यह है हेपेटाइटिस के लक्षण
-यूरीन का रंग बदलना
-बहुत अधिक थकान
-उल्टी या जी मिचलाना
-पेट दर्द और सूजन
-भूख ना लगना या कम लगना
-अचानक से वज़न कम हो जाना
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इनसेट
इन बातों का रखें ध्यान
-प्याज और लहसुन जैसे पारम्परिक मसालों को अपने भोजन में शामिल करें।
-खूब पानी पीएं, ताज़े फलों का जूस पीएं।
-मैदा से बना खाना और मीठी चीज़ों के सेवन से बचें।
-भोजन को चबा-चबाकर खाएं।
-एक साथ भोजन करने की बजाय, कम मात्रा में 4-6 बार भोजन करें।