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Muzaffarnagar News: मदद करो...आंखों के सामने जल रहा काठमांडोे

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काठमांडू होटल में मुजफ्फरनगर के व्यापारी फोटो सोशल मीडिया
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मुजफ्फरनगर। नेपाल की राजधानी काठमांडो में सरकारी विरोधी हिंसा के बीच मुजफ्फरनगर के आठ, बिजनौर और बागपत का एक-एक श्रद्धालु भी फंस गया। जत्था पशुपतिनाथ और मुक्तिनाथ धाम मंदिरों में दर्शन करने के लिए गया था। भाजपा नेता व्यापारी सुनील तायल ने बताया कि वह होटल की पांचवीं मंजिल पर हैं। रातभर उनकी आंखों के सामने हिंसा और आगजनी हुई। उन्हें मदद की जरूरत है।
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अमर उजाला से मोबाइल पर बातचीत में भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ के जिला संयोजक सुनीत तायल ने बताया कि सोमवार सुबह आठ बजे तक माहौल सही था। वह दिनभर यहां घूमे। पशुपतिनाथ के दर्शन किए। मंगलवार को आगजनी होने लगी। वह दो ढाई घंटे तक सड़कों पर रहे। हालात खराब होने पर उनका गाइड गलियों से निकाल कर उन्हें होटल ले गया। वह होटल में पांचवीं मंजिल पर हैं। मंगलवार रात बवाल हुआ। उन्हें डर सता रहा था कि कहीं नीचे होटल में कोई आग न लगा दें। उनके होटल से कुछ दूरी पर ही एक मंत्री के बेटे के होटल, पुलिस चौकी और थाना फूंक दिया गया था। भारतीय दूतावास से उन्हें होटल से निकलने के लिए मना किया गया है।
उन्होंने बताया कि दो दिन से लाइट और पानी नहीं आ रहा था। मोबाइल चार्ज नहीं हो पाए। बाइक की बैटरी से किसी तरह मोबाइल चार्ज किया। बुधवार दोपहर सेना पहुंची तो कुछ हालत में सुधार हुआ। लाइट भी आ गई है।
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व्यापारियों को सुरक्षित लाने की आवाज उठाई : संयुक्त व्यापार संघ संघर्ष समिति ने काठमांडो में फंसे व्यापारियों को जल्द वापस लाने की मांग करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम एक ज्ञापन एडीएम को सौंपा। समिति के संरक्षक कृष्ण गोपाल मित्तल, अध्यक्ष संजय मिश्रा, संयोजक शलभ गुप्ता, राकेश त्यागी, सरदार बलविंदर सिंह, रवि शर्मा, विजय प्रताप सिंह, तरुण मित्तल, आदि मौजूद रहे।
राज्यमंत्री कपिल देव ने किया विदेश मंत्रालय से संपर्क : कौशल विकास राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल बुधवार को शिव चौक पहुंचे। उन्होंने बताया कि काठमांडो में फंसे व्यापारियों को वापस लाने के लिए उन्होंने विदेश मंत्रालय से संपर्क किया है। प्रयास किया जा रहा है कि शीघ्र ही सभी लोग सुरक्षित अपने परिवारों के बीच लौट आएं।
परिवार सुरक्षित...जल्द होगी शांति : नेपाल से 36 साल पहले आकर द्वारिकापुरी में रह रहे शंकर बहादुर और प्रेम बहादुर का कहना है कि उनका बाकी परिवार नेपाल के दीपाइल सिलगड़ी कुमाली कोट में रहता है। उन्होंने नेपाल में दंगा होने के बाद अपने परिजनों से बात की है। उनके घर की तरफ सब सही है। काठमांडो में दंगा हो रहा है। इसके बाद भी उनमें दहशत है।

काठमांडू होटल में मुजफ्फरनगर के व्यापारी फोटो सोशल मीडिया

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