लापरवाही: जिले के 36 वेलनेस सेंटरों पर स्वास्थ्य सेवाएं शुरू नहीं
मुजफ्फरनगर। केंद्र सरकार की स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण योजनाएं भी अधिकारियों की लापरवाही का शिकार हो जा रही है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत जिले में 80 उपकेंद्रों में वेलनेस सेंटर बनाए गए है। इनमें से 36 वेलनेस सेंटरों में सीएचओ की तैनाती नहीं है। इसलिए इन सेंटरों पर स्वास्थ्य सेवाएं अभी तक शुरू नहीं हुई है। अभी जनपद में 44 सेंटरों में हेल्थ ऑफिसर हैं, मगर देहात में इन सेंटरों पर कम ही मरीज आते हैं। ।
केंद्र सरकार ने देहात में ग्रामीणों को उनके घरों से नजदीक ही स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए हेल्थ एवं वेलनेस सेंटर खोले हैं। तीन किलोमीटर क्षेत्र का इनका दायरा रखा गया था। इसके लिए देहात में स्वास्थ्य उपकेंद्रों को ही वेलनेस सेंटर बनाया गया। उप केंद्र पर अभी तक एएनएम की तैनाती रहती है। वेलनेस सेंटर पर एएनएम के साथ एक सीएचओ (कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर) की भी तैनाती जरूरी है। जनपद में 80 उपकेंद्रों में वेलनेस सेंटर बने हैं। इनमें से केवल 44 सेंटरों पर ही एएनएम के साथ सीएचओ की तैनाती है। बाकी 36 सेंटर अभी ऐसे हैं, जहां पर सीएचओ की तैनाती नहीं हुई है। इसलिए इन सेंटरों पर स्वास्थ्य सेवाएं शुरू नहीं हुई है। शाहपुर ब्लॉक में एक भी सेंटर पर सीएचओ नहीं है, जबकि बुढ़ाना ब्लॉक के केवल एक ही सेंटर पर सीएचओ तैनात हैं। उधर, जिन सेंटरों पर हेल्थ ऑफिसर तैनात है, वहां भी रोजाना कम ही मरीज आते हैं।
ये हैं सुविधाएं : वेलनेस सेंटर पर मलेरिया की जांच करने के लिए स्लाइड, टायफाइड, शुगर, बीपी जांचने की मशीन के साथ-साथ प्रेगनेंसी की किट, बच्चों के टीके, वजन मापने की मशीन आदि उपलब्ध है।
उपचार के लिए कम आते हैं मरीज
खतौली। उपकेंद्र मोहिउद्दीनपुर में दो माह पहले ही वेलनेस सेंटर खुला है। मोहिउद्दीनपुर के अलावा बिहारीपुर, बाहपुर, गंगधाड़ी गांव भी नजदीक है। इसके बावजूद रोजाना करीब 12-14 मरीज ही यहां आते है। सीएचओ लक्ष्मी ने बताया कि बुखार, खांसी, दर्द, शुगर, बीपी, प्रेगनेंसी जांच और उपचार की सुविधा है। फिर भी कम ही मरीज सेंटर पर आ रहे हैं।
सेंटर पर गंदगी मिली
खतौली। वेलनेस सेंटर पर साफ सफाई की व्यवस्था ठीक नहीं मिली। सीएचओ लक्ष्मी का कहना था कि यहां पर साफ सफाई कराने की जिम्मेदारी ग्राम प्रधान की है। कई बार प्रधान से सफाई के लिए कहा जा चुका है, लेकिन इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
गांवों में घूम-घूम एएनएम करती हैं लोगों का टीकाकरण
जानसठ। गांव तिसंग में स्वास्थ्य उपकेंद्र हेल्थ एवं वेलनेस सेंटर में सुबह साढ़े ग्यारह बजे एक ही महिला मरीज मिली। वेलनेस सेंटर की सीएचओ साक्षी ने बताया कि यहां पर रोजाना दस से 15 मरीज ही उपचार के लिए आते है, जबकि तिसंग के अलावा घटायन, नया गांव, मेहलकी, मनफोड़ा, खलवाडा गांव का यह सेंटर है। सीएचओ ने बताया कि सेंटर पर सभी दवाइयों उपलब्ध है। सेंटर में ग्रामीण मरीजों के स्वास्थ्य की जांच की जाती है। गांव में घूमकर एएनएम टीकाकरण का कार्य भी करती हैं।
दो माह में होगी सीएचओ की तैनाती
जनपद में 36 वेलनेस सेंटरों पर सीएचओ की तैनाती नहीं है। इनकी भर्ती हो गई है, उनका प्रशिक्षण चल रहा है। करीब दो माह में प्रशिक्षण पूरा होने पर तैनाती कर दी जाएगी। बाकी सेंटर सही चल रहे हैं।
--डॉ वीके सिंह
- एसीएमओ, नोडल अधिकारी राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन