खतौली (मुजफ्फरनगर)। गांव मोहद्दीनपुर में टीबी से बीमार मरीजों की खोज करने पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीबी सर्वे टीम का दूसरे वर्ग के ग्रामीणों ने विरोध किया। लोगों ने सीएए एवं एनआरसी कानून को लेकर आंकड़े एकत्र करने का आरोप लगाते हुए जानकारी देने से इंकार कर दिया। आरोप है कि टीम के साथ धक्का मुक्की भी की।
बृहस्पतिवार को गालिबपुर पीएचसी की स्वास्थ्य टीम को भुगतना पड़ा ग्राम मोहद्दीनपुर में विरोध का सामना करना पड़ा। स्वास्थ्य विभाग की ओर से सघन टीबी रोग खोजी अभियान चलाया जा रहा है। यह अभियान गांवों में 17 फरवरी से चल रहा है और 29 फरवरी तक चलेगा। इस अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग के सुपरवाइजर शांतनु अपने साथ तीन आशाओं को लेकर गांव मोहद्दीनपुर में पहुंचे। स्वास्थ्य विभाग की इस टीम ने गांव में काफी समय से बुखार, खांसी से पीड़ित या टीबी का इलाज नहीं कराने वाले मरीजों की घर-घर जाकर आंकड़े एकत्र करने शुरू कर दिए। टीम दूसरे वर्ग की बस्ती में पहुंची। टीम ने टीबी के मरीजों के आंकड़े लेने शुरू किए। जिस पर दूसरे वर्ग के लोगों ने सीएए और एनआरसी कानून को लेकर आंकड़े एकत्र करने का आरोप लगाते हुए टीम का विरोध करना शुरू कर दिया। आरोप है कि विरोध के दौरान ग्रामीणों ने टीम के साथ धक्का मुक्की भी की। काफी देर तक हंगामा होता रहा। इस दौरान काफी संख्या में दूसरे वर्ग के ग्रामीण एकत्र हो गए। टीम ने किसी प्रकार लोगों को समझा बुझा कर लोगों को शांत किया।
- टीम टीबी के मरीजों की खोज करके आंकड़े एकत्र कर रह रही थी। सीएए और एनआरसी कानून के भ्रम होने पर ग्रामीणों ने टीम का विरोध किया। बाद में टीम ने अपने आईडी कार्ड दिखाए, तब कहीं जाकर ग्रामीणों ने गांव में टीम को काम करने दिया। - डॉक्टर अवनीश कुमार, चिकित्सा केंद्र प्रभारी, पीएचसी गालिबपुर।