देवबंद (सहारनपुर)। हरियाणा के मेवात, गाजियाबाद के लोनी समेत देश के अलग-अलग हिस्सों में हुई भीड़ हिंसा और धार्मिक स्थलों को खंडित किए जाने की घटनाओं पर जमीयत उलमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि धर्म विशेष के लोगों को निशाना बनाए जाने की घटनाएं बढ़ना चिंता का विषय है। धर्म के नाम पर फैलाई जा रही नफरत गलत है, यह नफरत देश को तबाही के रास्ते पर ले जा रही है।
रविवार को मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि पूरे देश में नफरत के नाम पर खौफनाक खेल खेला जा रहा है। इसकी वजह से समाज में नफरत की खाई ओर भी गहरी होती जा रही है। जो बेहद चिंता का विषय है, अगर इसके बारे में सोचा नहीं गया तो यह देश को तबाही के रास्ते पर ले जाएगी। मौलाना ने कहा कि वैश्विक महामारी कोरोना वायरस की दूसरी लहर जब इंसानी जानों को निगल रही थी तब लोग धर्म और जातपात से ऊपर उठकर एक दूसरे की मद्द कर रहे थे। जिससे यह महसूस हो रहा था कि आज सांप्रदायिकता की उस दीवार को कोरोना की दहशत ने तोड़ दिया जिसे सियासतदारों ने अपने लाभ के लिए खड़ा किया था। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के चुनाव करीब आते हैं नफरत का यह खेल एक बार फिर से शुरू हो गया। जिससे साफ है कि कुछ लोग देश में धार्मिक उन्माद फैलाकर सत्ता पर काबिज रहना चाहते हैं। मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि नफरत वाली सियासत के भयानक नतीजे देश की जनता के सामने आ रहे हैं। इसलिए देश की जनता को यह सोचना और समझना होगा कि नफरत सिर्फ तबाही का सबब बन सकती है, इससे न तो किसी व्यक्ति और न ही देश की तरक्की हो सकती है।