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ना अबला, ना बेचारी, मैं हूं आज के युग की नारी

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हनुमानधाम सरस्वती शिशु मंदिर में राष्ट्रीय सेवा योजना शिविर के समापन पर सांस्कृतिक कार्यक्रम क? - फोटो : KHATAULI
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मोरना। हनुमानधाम सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में आयोजित सात दिवसीय राष्ट्रीय सेवा शिविर का समापन हो गया, इस दौरान स्वयं सेविकाओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान नाटक, गजल, गीत, चुटकले, सामाजिक बदलाव में दृष्टिकोण पर भाषण दिए।
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शुकतीर्थ हनुमानधाम सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान दानिशता ने गजल सुनाते हुए कहा कि माता-पिता बडे़ अनमोल, दुआएं ले चूमे कदमों को, उनके कदमों में जन्नत है। नरगिस ने गीत सुनाते हुए कहा कि फैशन में दिल है दीवाना - हाय राम बुरा है जमाना। जीनत ने कहा कि बता क्यूं पूछता है, मुल्क में किसका नजारा है- मुल्क में हर ओर दिलकश नजारा है, यह हिंदुस्तान हमारा है। नारी शक्ति पर अमीषा ने कहा कि ना अबला है, ना बेचारी - मैं हूं आज के युग की नारी। वीनस ने कहा कि कदम ऐसा चलो कि निशान बन जाए- काम ऐसा करो कि सारे जहान में पहचान बन जाए।
मुख्य अतिथि पूर्व चेयरमैन मदन पाल एडवोकेट, वेदवीर सहरावत, योगेंद्र एडवोकेट आदि ने शिविर के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाली स्वयं सेविकाओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया। इस मौके पर आंचल यादव, कोमल, शिवानी, दानिशता, अतिशा, अनीतेश, साक्षी, स्वीटी, ज्योति, काजल, प्रियंका, नीतू, पूजा, आंचल, जीनत, कल्पना, अफशा, आसमां, आयुषि आदि स्वयंसेविकाएं मौजूद रहीं। कार्यक्रम अधिकारी मीनू, नरेंद्र बालियान, चंद्रमोहन भटनागर बुशरा जमाल आदि ने मुख्य भूमिका निभाई।
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