गोसेवा के लिए बढ़े हाथ
भोपा। कस्बे में हरे चारे से दूर गोवंशों के लिए आधा दर्जन से भी अधिक गो-सेवक आगे आए हैं। भोपा गोशाला में मौजूद गोवंशों के हरे चारे में सहयोग करने का संकल्प लिया गया है।
तेज ठंड के बीच आवारा गोवंश ही नहीं गौशालाओं में मौजूद गोवंश उपेक्षा के कारण बेहाल है। गोशालाओं में तो बजट के अभाव में गोवंशों को भरपेट चारा भी नहीं मिल पाता है। कई स्थानों पर तो हरे चारे से तो गोवंश काफी दूर हैं। अमर उजाला में प्रकाशित की गई खबर से भोपा के कुछ गोसेवकों ने प्रेरणा लेते हुए गोशाला में मौजूद गोवंशों की सुध लेते हुए गोसेवा के लिए हाथ बढ़ाए हैं। लगभग एक दर्जन लोगों ने तय किया है कि वह माह में एक-एक दिन का हरा चारा गोशाला में पहुंचाएंगे। इस सेवा में लगे लोगों का कहना है कि इसमें प्रयास किया जा रहा है कि अन्य लोग भी जुड़े और गोवंश के लिए हरे चारे की ही नहीं हर प्रकार की दिक्कत का निराकरण हो सके। उन्होंने बताया कि भोपा में कुट्टी काटने की मशीन को भी ठीक कराया जा रहा है, जितना संभव हो सकेगा, गोसेवा के लिए वह तत्पर रहेंगे।