फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सिसौली में बारिश के साथ ओलावृष्टि

विज्ञापन
मुजफ्फरनगर में सिसौली में ओलवृष्टि से भरी सड़क से वैन को निकालता युवक। - फोटो : MUZAFFARNAGAR
विज्ञापन
सिसौली में बारिश के साथ ओलावृष्टि
विज्ञापन

भौराकला/सिसौली (मुजफ्फरनगर)। पहाड़ों पर बने सशक्त पश्चिमी विक्षोभ से बारिश के साथ ओलावृष्टि होने से मौसम और सर्द हो गया। शनिवार की सुबह बरसात के साथ हुई भारी ओलावृष्टि से सिसौली की गलियों में बर्फ की चादर बिछ गई। ग्रामीणों को शिमला जैसा नजारा सिसौली में देखने को मिला। जेसीबी से गलियों से ओलों को हटवा कर रास्ते को साफ कराया गया। इसके बाद आवागमन सुचारु हो सका। उधर, आसपास के गांवों में भी ओलावृष्टि होने से सरसों की फसल को नुकसान हुआ।
शनिवार सुबह करीब 4.30 बजे बारिश के साथ सिसौली, भौराकलां और भौराखुर्द में भारी ओलावृष्टि हुई। सड़कों पर बिछी ओलों की सफेद चादर ने हिल स्टेशन की याद दिला दी। बच्चों ने अद्भुत नजारे का लुत्फ उठाया। कस्बे के सड़कें हो या फिर मकानों की छतों या आंगन सब जगह भारी ओलावृष्टि के कारण बर्फ की चादर नजर आई। मकानों की छतों पर तीन से चार इंच तक बर्फ जम गई। लोगों को घरों की छतों से बर्फ को फावड़े आदि से उठाकर फेंकना पड़ा। बाजार में एक से डेढ़ फुट तक बर्फ जम गई। दुकानदारों ने अपनी दुकान के आगे से सुबह फावड़े से बर्फ को हटाया। किसान बदलू के पशु टीन शेड में बंधे हुए थे। अत्यधिक ओला गिरने की वजह से टीन शेड टूट कर पशुओं पर आ गिरा, जिससे पशुओं को भी काफी चोट लगी। बारिश और ओलावृष्टि के कारण आवागमन प्रभावित हो गया। गलियों के रास्ते साफ करने के लिए नगर पंचायत को जेसीबी बुलानी पड़ी। जेसीबी ने ओलों को हटाकर रास्ता साफ किया। ओलावृष्टि से गेहूं और सरसों की फसल को नुकसान पहुंचा है। बरसीम की फसल भी प्रभावित हुई।
विज्ञापन

बर्बाद हुई फसलों का आंकलन कराएं
सिसौली के किसान राजेंद्र सिंह ने सरकार से किसानों की आर्थिक मदद की मांग की है। कहा कि प्रशासन मौके पर खेतों में बर्बाद हुई फसल का मुआयना कराया जाए। पूर्व नगर पंचायत चेयरमैन शकुंतला देवी ने कहा कि असमय हुई ओलावृष्टि गेहूं की अगेती फसल के लिए नुकसान दायक है। सरसों की फसल बर्बाद हो गई है। भौराकलां के बुजुर्ग किसान रामफल सिंह का कहना है जीवन में ऐसी ओलावृष्टि कभी नहीं देखी। गेहूं की बोई जा चुकी फसल सिसौली और आसपास गांवों के प्रभावित हुई है। सिसौली के व्यापारी नेता सुरेशचंद सिंघल ने कहा कि भारी ओलावृष्टि से जल निकासी प्रभावित हो गई।
विज्ञापन

किसानों को क्षतिपूर्ति मिले: नरेश टिकैत
भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने प्रशासन से फसलों के नुकसान का आंकलन करा कर मुआवजे की मांग की है। उन्होंने कहा कि प्रकृति की मार से किसानों की कमर टूट गई। क्योंकि सरसों व गेहूं की फसल अभी कच्ची थी, जिसको ओलावृष्टि ने बर्बाद कर दिया। गन्ने की फसल में अगोला खत्म हो गया, जिससे आगे किसानों को घास आदि की भी बहुत दिक्कत उठानी पड़ेगी।

मुजफ्फरनगर जिले के सिसौली में ओलवृष्टि से भरी सड़क को साफ करती जेसीबी।- फोटो : MUZAFFARNAGAR

मुजफ्फरनगर के सिसौली में शनिवार की सुबह बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि से सड़क पर बिछी बर्फ के बीच से ?- फोटो : MUZAFFARNAGAR

मुजफ्फरनगर के सिसौली में सुबह बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि से सड़क पर बिछी बर्फ की चादर।- फोटो : MUZAFFARNAGAR

मुजफ्फरनगर जिले के सिसौली में सुबह बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि से सड़क पर बिछी बर्फ।- फोटो : MUZAFFARNAGAR

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें