गुरु पूर्णिमा पर शुक्रताल में दूरदराज से आए श्रद्धालुओं ने गुरु की कुटिया में जाकर गुरु पूजा अर्चना कर आशीर्वाद प्राप्त किया। शुकदेव आश्रम के पीठाधीश्वर स्वामी ओमानंद सरस्वती महाराज ने कहा कि गुरु ही शिष्य का भाग्य विधाता है। वहीं, नगर के विभिन्न आश्रमों में सांस्कृतिक कार्यक्रम, सत्संग और हवन यज्ञ का आयोजन किया गया। पूजा-अर्चना के दौरान आचार्यों व पुजारियों के वैदिक मंत्रों जाप तथा मंदिरों में घड़ियालों की आवाज निरंतर सुनाई देती रहीं। इस मौके पर सुरक्षा को लेकर पुलिस बल तैनात रहा।
तीर्थनगरी में रविवार की सुबह से भक्तों ने गंगा स्नान किया और अपनी आस्था भाव के साथ गुरुओं के सानिध्य में जाकर गुरु चरण, वंदन पूजा, तिलक कर, फल, मिठाई, वस्त्र तथा दक्षिणा देकर सुख समृद्धि के लिए आशीर्वाद लिया। इस मौके पर शुकदेव आश्रम के पीठाधीश्वर स्वामी ओमानंद सरस्वती महाराज ने कहा कि गुरु चरण सेवा समस्त तीर्थों तथा यज्ञ अनुष्ठानों से बड़ी है। गुरचरण तीर्थ रूपी है। गुरु ने शिष्यों को जो अमृत तत्व दिया है, उसके लिए कृतज्ञता प्रकट करने का पर्व है। गुरु ही शिष्य का भाग्य विधाता है। गुुरु शिष्य को नए संस्कार प्रदान करता है। वह निरंकार ईश्वर का स्वरूप है।
वहीं, दंडी आश्रम में स्वामी गुरुदत्त महाराज, हनुमान धाम में स्वामी केश्वानंद महाराज, महादेव आश्रम स्वामी महेश्वर आश्रम महाराज, पीतांबरा धाम में स्वामी अयोध्या महाराज, महाशक्ति पीठ में साध्वी माता राजनंदेश्वरी, शनिधाम में स्वामी उत्तम गिरि महाराज व पुरुषोत्तम गिरि महाराज, गीता घाट धाम में स्वामी गीतानंद गिरि, गोडिया मठ में स्वामी भक्ति कृष्ण आश्रम दंडी महाराज का पूजन हुआ।
मां पुर्णागिरि आश्रम हनुमान आश्रम में महामंडलेश्वर स्वामी गोपालाचार्य महाराज, खिचड़ी संप्रदाय के स्वामी कृपालदास महाराज व महामंडलेश्वर मोहनदास महाराज, राम आश्रम, शिवधाम स्वामी ध्रुव शुक्ला, रामनुज कोट आश्रम स्वामी विष्णु महाराज, गुरुकुल आश्रम स्वामी आनंद वेश महाराज, जाट धर्मशाला स्वामी जगपाल वैद्य आदि की श्रद्धालुओं ने गुरु पूजा कर पर्व को बड़ी धूमधाम से मनाया। इस दौरान जिला जज गोलूक शर्मा, स्वामी कनक प्रभाकर महाराज, भाजपा विधायक कपिलदेव अग्रवाल, कुंवर देवराज पंवार आदि भी मौजूद रहे। इस पर्व को लेकर भोपा थानाध्यक्ष विजय सिंह व चौकी प्रभारी बालिंद्र सिंह पुलिस बल के साथ नगर में तैनात रहे।
वेदपाठी भवन में बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालु
मुजफ्फरनगर। गुरु पूर्णिमा पर गुरु पूजा के विभिन्न कार्यक्रम आयोजित हुए। वेदपाठी भवन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। विष्णुलोक सहित कई स्थानों पर विशेष कार्यक्रम हुए। वेदपाठी भवन में स्वर्गीय आचार्य सीताराम चतुर्वेदी जी की कार्यस्थली पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। देश भर से यहां गुरु पूजा के लिए लोग आते हैं। नारायण स्वामी जी की पूजा अर्चना हुई। इसके बाद प्रियशील चतुर्वेदी रतन गुुरु से श्रद्धालुओं ने आशीर्वाद लिया।
इस अवसर पर पुष्पेंद्र अग्रवाल, मूलचंद सराफ, गुड्डू, सुशील बंटी, सुरेंद्र अग्रवाल, सुनील गोयल, सुनील जैन, सुनील उपाध्याय, निहार जैन, अनिल शर्मा आदि का सहयोग रहा। मीनाक्षी चौक निकट स्थित विष्णु लोक पर पंडित विष्णु शर्मा के सानिध्य में गुरु पूर्णिमा महोत्सव मनाया गया। पंडित श्याम शंकर मिश्रा, राजधर शास्त्री, कमलेश शास्त्री, अवधराज शास्त्री, रामकुमार मिश्रा ने वेद मंत्रोच्चार के साथ पूजा अर्चना की।
विधायक प्रमोद ऊंटवाल, अधिशासी अभियंता केपी सिंह, मुकेश त्यागी ने नवग्रह पूजन कराया। सुबोध शर्मा, अनिल वर्मा, ओंकार दत्त शर्मा, मनेश गुप्ता, ब्रह्म प्रकाश शर्मा, महेशचंद शर्मा, चेतन स्वरूप, सतीश शर्मा, विनोद, लोकेश भारद्वाज, अर्चना, हेमंत कुमार, रमेश, अशोक अग्रवाल, पदमप्रकाश मौर्य, रामपाल मांडी, अंजु शर्मा रहे।
मॉ सर्वेश्वरी सेवाश्रम समिति ने गुरु पूर्णिमा पर भावमय कार्यक्रम का आयोजन किया। आचार्य प्रवीण देव गुप्त, डॉ विपुल कुमार, डॉ अक्षयलाल, धीरेंद्र गुप्ता, सुधीर मित्तल, पुनीत बंसल आदि रहे। रामरतन नूरी स्वरुप पारब्रहम दरबार में सत्संग समारोह का आयोजन हुआ। सतगुरु रामरतन साहब की शोभायात्रा निकाली गई। शुभारंभ देशपाल पांचाल एवं जगदीश पांचाल ने किया। दरबार के आचार्य राकेश पांचाल ने गुरु की महिमा का वर्णन किया।