संवाद न्यूज एजेंसी
मोरना। स्वामी ओमानंद महाराज ने कहा कि गुरु शिष्य का भाग्य विधाता है, गुरू ही परमात्मा से साक्षात्कार कराने मे अहम भूमिका निभाते है। सच्चा गुरू वह है, जो सद्गुणों से समपन्न होकर सतकर्म की शिक्षा देता हो।
शुकतीर्थ में शुकदेव आश्रम में समाधि मंदिर स्थित शिक्षा ऋषि स्वामी कल्याण देव महाराज प्रतिमा पर स्वामी ओमानंद महाराज ने मंत्रोच्चारण के बीच शिक्षा गुरू को चंदन तिलक, दीप से पूजन कर पुष्प अर्पित किए। स्वामी भरतदेव महाराज, प्राचार्य आचार्य उत्प्रेती, अचल शास्त्री, सुमन शास्त्री, आशीष शास्त्री, युवराज, शैलेष ठाकुर, राजेंद्र यादव, शुभम नेे गुुरू पूजा में भाग लिया। मां पूर्णागिरी आश्रम में महामंडलेश्वर गोपालदास महाराज ने गुरू हनुमान महराज की पूजा अर्चना करते हुए कहा कि माता-पिता के बाद गुरू ही जीवन दिशा ओर दशा सुधारने में अहम भूमिका निभाते है। आश्रम में हरिदास महाराज, स्वामी सुंदर दास महाराज, गंगा सेवा समिति सचिव महकार सिंह, रोशनलाल, खुशी तोमर, मोना, नेहा मलिक, बाबूराम आदि श्रद्धालुओं ने पूजा अर्चना में भाग लिया। महाशक्ति सिद्धपीठ आश्रम में साध्वी राजनंदेश्वरी माता के चरणों में शिष्य और श्रद्धालु हरिराज त्यागी, सपना त्यागी, आस्था, गायत्री, चंदा, कुलदीप, शिवकुमार, दीपक अमित शर्मा, शिवकुमार आदि ने पुष्प अर्पित कर आशीर्वाद प्राप्त किया।