दिवाली पर जीएसटी का ग्रहण लग गया है। बाजार में पर्याप्त रूप से ग्राहक नहीं आने के कारण व्यापारियों के चेहरे मायूस हैं। व्यापारियों को धनतेरस से बाजार में उठान की उम्मीद है। इसको लेकर पूरी तरह से दुकानों को सजाया जा रहा है। दिवाली पर बाजार में रौनक बढ़ी है, लेकिन घरों के साज-सज्जा वाले सामान की खरीद अधिक है। इलेक्ट्रिक, क्रॉकरी बाजार में कारोबार की रफ्तार धीमी है। सराफा बाजार को भी धनतेरस पर ग्राहक आने का इंतजार है। धनतेरस को लेकर बाजार में खूब चहल-पहल बढ़ गई है।
बाजार में घरों की सजावट के सामान की भरमार है। बड़े सामानों पर व्यापारी ऑफर या अन्य प्रकार की छूट देने से बच रहे हैं। इस दिवाली पर जीएसटी से व्यापारियों की नींद हराम कर दी है। कारोबार जीएसटी लागू होने से टूट गया है, ग्राहकों की संख्या इलेक्ट्रिक, क्रॉकरी बाजार में कम है। विशाल इलेक्ट्रिक के व्यापारी विशाल कुमार ने बताया कि इस दिवाली इलेक्ट्रिक सामान की खरीद पहले जैसी नहीं है। व्यापारी के माल पर 12, 18 और 28 प्रतिशत तक जीएसटी लगा है। उसी के आधार पर ब्रिकी हो रही है, मूल्य बढऩे के कारण बाजार से ग्राहक घटे हैं। अभी तक तो मंदी है, धनतेरस से तेजी की उम्मीद है।
चांदी के सिक्के और देवी लक्ष्मी की मांग
मुजफ्फरनगर। दिवाली का साया होने के बावजूद सराफा बाजार में मंदी है। हालांकि धनतेरस पर सराफा बाजार को उम्मीद है। दिवाली पर बिकने वाले चांदी के सिक्कों में इस बार बदलाव आया है। नए आकार के चांदी के सिक्कों की डिमांड है। इसके साथ ही देवी-देवताओं की प्रतिमा की भी कई वैरायटी बाजार में उपलब्ध है। चांदी के सिक्कों में बदलाव को ग्राहक पसंद कर रहे हैं। इनके अलावा भी चांदी के गिलास, थाली, चम्मच, दीये के साथ अन्य सामान भी खूब प्रचलन में हैं, जिनकी ग्राहक डिमांड भी कर रहे हैं। सराफा एसोसिएशन के सचिव स्वराज सिंह ने बताया कि नए सिक्के बाजार में आए हैं, मगर पहले के अनुरूप बाजार में ग्राहक नहीं हैं। पहले नोटबंदी और जीएसटी पूरी तरह से कारोबार को खा गई है। मंगलवार पर सराफा बाजार की निगाहें टिकी हैं।
चाइना काे नकारा, देसी सामान की मांग
मुजफ्फरनगर। बाजार में घर की सजावट के लिए इस बार चाइनीज सामान को ग्राहकों ने नकार दिया है। झालर भी इलेक्ट्रिक के बजाए प्लास्टिक के फूलों की है, जबकि मिट्टी के दीये भी खूब पसंद किए जा रहे हैं। दिवाली पर देसी सामान की खरीदारी अधिक है। इसके अलावा भी अनेक प्रकार के चित्रों से लैस सीनरी, वॉटर फॉल के साथ प्रतिमाओं वाले सामान की अधिक मांग ग्राहकों के बीच बढ़ी है, क्योंकि इन सामानों पर जीएसटी की दर 5 प्रतिशत है।
10 ग्राम का सिक्का--420 रुपये
50 ग्राम का सिक्का--2100 रुपये
100 ग्राम का सिक्का--4200 रुपये
- चांदी के गिलास, चम्मच, थाली, दीपक आदि सामान 105 रुपये प्रति प्रति टंच के हिसाब से बाजार में उपलब्ध।
- प्लास्टिक की झालर---40 रुपये जोड़ा
- मिट्टी की प्रतिमा----60, 70 रुपये प्रति पीस
- मिट्टी के दीये------5, 8 और 10 प्रति पीस
- इलेक्ट्रिक झालर-----500, 2000 रुपये से प्रारंभ।
- रंग-बिरंगी फूल-----90, 100 और 250 रुपये जोड़ा।