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Muzaffarnagar News: गम और गुस्सा, छह घंटे धरना...लोग बोले, मौत नहीं शहादत

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भोपा में बीएसएफ के एएसआई ​शिवदत्त का शव पहुंचते ही सड़क पर बैठे गमजदा लोग : संवाद
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भोपा। बारामुला में जान गंवाने वाले बीएसएफ के सहायक उपनिरीक्षक शिवदत्त प्रजापति (56) का शव भोपा पहुंचते ही गम और गुस्से का माहौल बन गया। मौत की वजह जानने, शहीद का दर्जा दिए जाने समेत छह मांगों को लेकर क्षेत्र के ग्रामीणों और परिजनों ने मोरना मार्ग पर जाम लगा दिया। शव को गाड़ी से नहीं उतारने दिया गया और परिजनों ने अंतिम संस्कार से इन्कार कर दिया। छह घंटे बाद पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. संजीव बालियान और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में सहमति बनी। बालियान ने भरोसा दिया कि गृहमंत्री अमित शाह से मिलकर निष्पक्ष जांच और सहायता कराएंगे। देर रात बीएसएफ की मातमी धुन के साथ अंतिम विदाई दी गई।
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मूल रूप से शाहपुर के सोरम निवासी और वर्तमान में भोपा में रह रहे शिवदत्त प्रजापति बीएसएफ की 175 वीं बटालियन में उत्तरी बारामुला के बोनियार क्षेत्र में तैनात थे। शुक्रवार को उनकी गोली लगने से संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी।
शनिवार शाम करीब छह बजे पार्थिव शरीर भोपा में उनके आवास पर पहुंचा। परिजनों और क्षेत्र के ग्रामीणों ने साथ आए बीएसए के अधिकारियों से शिवदत्त की मौत का कारण पूछा। निरीक्षक अनुराग ने जानकारी दी कि एक्सिडेंटल फायर में मौत हुई है, घटना की जांच चल रही है।
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इसके बाद नाराज ग्रामीण भोपा-मोरना मार्ग पर जाम लगाकर बैठ गए। ग्रामीणों का कहना था कि उन्हीं असलियत नहीं बताई गई है। पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. संजीव बालियान, जिला पंचायत प्रशासक डॉ. वीरपाल निर्वाल और सुप्रिया पाल मौके पर पहुंची। निरीक्षक अनुराग ने पूर्व केंद्रीय मंत्री की बात कमांडेंट अवधेश कुमार से कराई। जानकारी दी गई कि जांच चल रही है।
नाराज ग्रामीणों ने शव को वाहन से उतारने से मना कर दिया और वाहन के आगे जाम लगा कर बैठ गए। देर रात तक धरना जारी रहा। अधिकारी शिवदत्त की पत्नी राजेश, बेटे शिव कुमार और अजय सहित परिवार के लोगों को समझाने बुझाने में जुटे रहे। करीब छह घंटे बाद सहमति बनी। एसडीएम जानसठ रश्मि लांबा ने प्रशासन के स्तर से हर संभव सहायता का भरोसा दिया। तहसीलदार श्रद्धा गुप्ता, सीओ लक्ष्मण वर्मा, सीओ जानसठ ऋषिका सिंह मौजूद रहीं।

एएसआई को इन्होंने दी श्रद्धांजलि
एएसआई शिवदत्त प्रजापति के आवास पर बिजनौर के रालोद सांसद चंदन चौहान, दारा सिंह प्रजापति, पूर्व विधायक उमेश मलिक, हरीश राठी, संजय रवि, तरुण प्रधान, जगपाल बरूकी,ओमप्रकाश प्रजापति ने पहुंचकर श्रद्धासुमन अर्पित किए।
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फूल बरसे, गिरे आंसू...गूंजा शिवदत्त अमर रहे
भोपा। एएसआई का पार्थिव शरीर भोपा बाईपास पर पहुंचा तो भारत मां के जयकारों के साथ लोगों ने पुष्प वर्षा की। इसके साथ ही मखियाली,जट - मुझेडा, भोपा गंग नहर पर कांवड़ शिविर आयोजकों व कस्बा वासियों ने पुष्प वर्षा की। देर रात परिजनों गमगीन माहौल में भोपा स्थित श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार कर दिया।

भोपा के ग्रामीणों ने यह रखी मांग
- एएसआई की मौत का सही कारण बताया जाए।
- पत्नी राजेश देवी की पेंशन दी जाए।
- परिवार के आश्रित को नौकरी दी जाए।
- एएसआई को शहीद का दर्जा दिया जाए।
- तीन करोड़ की आर्थिक मदद दी जाए।
- भोपा में एएसआई की प्रतिमा लगाई जाए।



रविवार को घर आना था...शनिवार को पहुंच गया शव
भोपा। बारामुला से एएसआई शिवदत्त ने परिजनों से बृहस्पतिवार को वीडियो कॉल पर बात की थी। पत्नी राजेश से बोले थे कि छुट्टी मिल गई है, रविवार को घर आ जाऊंगा। आंखों में आंसू लिए पत्नी ने बताया कि घर में उनके आने की तैयारियां चल रही थी लेकिन शुक्रवार को उनके निधन की जानकारी दी गई। शनिवार को लाश घर पहुंची। वह दूसरों के कंधे पर आए। छह माह पूर्व छुट्टी काटकर गए थे। सैनिक की पत्नी ने कहा कि मेरे पति खुद को कभी गोली नहीं मार सकते थे।

भोपा में बीएसएफ के एएसआई शिवदत्त का शव पहुंचते ही सड़क पर बैठे गमजदा लोग : संवाद

भोपा में बीएसएफ के एएसआई शिवदत्त का शव पहुंचते ही सड़क पर बैठे गमजदा लोग : संवाद

भोपा में बीएसएफ के एएसआई शिवदत्त का शव पहुंचते ही सड़क पर बैठे गमजदा लोग : संवाद

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