मोरना। गोविंद आश्रम शुक्रताल में गोविंद महोत्सव धूमधाम से मनाया गया। इस मौके पर श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन और धार्मिक गीतों पर नृत्य कर कलश यात्रा में भाग लिया।
धर्मनगरी शुक्रताल के श्री गोविंद धाम में वार्षिक दो दिवसीय महोत्सव का आयोजन किया गया। जिसमें धर्मयात्रा महासंघ संकीर्तन मंडल मुजफ्फरनगर के तत्वाधान में प्रात:काल प्रेम किशोर त्यागी, प्रदीप गर्ग, राकेश शर्मा, शत्रुका बहन ने सुंदर कांड के दौरान गोविंद जन्मोत्सव का पाठ किया।
विभा गर्ग, रीना मित्तल, राजेश वर्मा, विनिता, राधा वर्मा आदि ने भजनों की प्रस्तुति देकर सबका मनमोह लिया। आन्नद माता सरस्वती ओर डाक्टर स्वामी महाराज, स्वामी अजय कृष्ण शास्त्री ने संत आशीर्वचन कर दूरदराज से आए श्रद्धालुओं को सत्संग कराया।
इससे पुर्व हवन यज्ञ मे आहुति देकर नगर के विभिन्न मार्गों सें धार्मिक भजनों पर नृत्य करते हुए कलश यात्रा निकाली।
इस मोके पर आयोजित छप्पन भोग का प्रसाद का भोग भगवान गोविंद को लगाकर साधु-संतों को खिलाकर दान-दक्षिणा दी गई। कार्यक्रम के आयोजन में ओमकुमार, सतीश तायल, शिशुकांत गर्ग, सतीश मित्तल, राजीव अग्रवाल, मनोज शर्मा, अशोक कुमार, अनिल वर्मा, राजकुमार आदि व्यवस्था बनाने में लगे हुए थे।
माघ पूर्णिमा पर लगाई गंगा में डुबकी
मोरना। पतित पावनी मां गंगा किनारे शुक्रताल में माघ पूर्णिमा पर दूरदराज से आए हजारों श्रद्धालुओं ने गंगा में आस्था की डुबकी लगाकर वट वृक्ष पर मन्नत का धागा बांधकर प्रार्थना की।
इस दौरान धाम के विभिन्न मंदिरों में दर्शन कर सत्संग में भाग लेकर आयोजित भंडारों का प्रसाद का वितरण कर साधु-संतों से आशीर्वाद लिया।
उत्तर भारत की महाभारतकालीन धर्म नगरी शुक्रताल में माघ पूर्णिमा पर सुबह सवेरे दूरदराज से आए हजारों श्रद्धालुओं ने मां गंगा में हर-हर गंगे, हर-हर महादेव के जयकारे के बीच स्नान कर आस्था की डुबकी लगाकर धर्म लाभ अर्जित किया।
स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने शुकदेव आश्रम के प्राचीन वट वृक्ष की परिक्रमा कर अपने परिवार की खुशहाली के लिए धागा बांधा। शुकदेव आश्रम के अधिष्ठाता स्वामी ओमानंद महाराज, दंडी आश्रम के स्वामी गुरुदत्त महाराज, हनुमान धाम के स्वामी केशवानंद महाराज, मानव निर्माण योग आश्रम के स्वामी वेददास महाराज, शनिधाम के उत्तम गिरी महाराज, सच्चा धाम के स्वामी कुलभुषण महाराज, गौड़िया मठ के स्वामी भक्ति भूषण गोविंद महाराज, सिद्धपीठ धाम के योगिनी माता राजनन्देश्वरी आदि से आशीर्वाद लिया।
वहीं शिवधाम, पीतांबर धाम, दुर्गा धाम, नीलकंठ धाम, बाबा खिचड़ी वाले आश्रम आदि में साधु-संतों से आशीर्वाद लिया।