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‘सीएए को वापस लेने पर विचार करे सरकार’

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सीएए के विरोध में ईदगाह मैदान में धरना प्रदर्शन करती महिलाएं - फोटो : DEVBAND
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देवबंद (सहारनपुर)। मुत्ताहिदा ख्वातीन कमेटी के बैनर तले चल रहा महिलाओं का धरना प्रदर्शन 18वें दिन भी जारी रहा। महिलाओं ने कहा कि सरकार को जगाने और संविधान की रक्षा के लिए उनका यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक यह काला कानून वापस नहीं ले लिया जाता।
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ईदगाह मैदान में चल रहे अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन में गुलअफशा और आयशा ने कहा कि आज देश के जो हालात बने हैं उसके लिए केंद्र सरकार जिम्मेदार है। यदि सरकार गलत निर्णय नहीं लेती तो महिलाएं भी घर के बाहर नहीं निकलतीं। उन्होंने कहा कि सरकार को अपने गलत फैसलों पर दोबारा विचार करना चाहिए। रुकैय्या मदनी ने कहा कि मुल्क के लिए हमारे बुजुर्गों ने जो कुर्बानियां दीं, उसी का नतीजा है कि आज हम खुली हवा में सांस ले रहे हैं। देश के संविधान ने यहां रहने वाले हर धर्म और वर्ग के लोगों को शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने का अधिकार दिया है, लेकिन शासन प्रशासन संविधान द्वारा दिए गए उस अधिकार को छीनने का प्रयास कर रहे हैं। अफीफा अफसर ने कहा कि हम सरकार के खिलाफ नहीं है, लेकिन हमारा विरोध धर्म के आधार पर लाए गए सीएए के विरुद्ध हैं। इसलिए सरकार को चाहिए कि वह अपनी हठधर्मी छोड़कर देशहित में फैसले लेने का काम करे। सुमैय्या आदि महिलाओं ने देशभक्ति गीत पेश किए। उधर, मुत्तहिदा ख्वातीन कमेटी की ओर से 17 फरवरी को नो सीएए, नो-एनआरसी और नो-एनपीआर विषय पर ईदगाह मैदान में स्लोगन राइटिंग व पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता का आयोजन कराया जाएगा।
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