संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के संयोजक सरदार वीएम सिंह ने कहा कि आपदा को देखते हुए सरकारों को चाहिए कि वह पंजाब के किसानों का ऋण माफ करें। किसानों को व्यवस्थित तरीके से मदद पहुंचानी होगी। गेहूं के बीज की आवश्यकता होगी, जिसका संग्रह कर स्थानीय प्रशासन की निगरानी में भंडारण कराकर उसको भेजना होगा। खेतों की डी-सिल्टिंग करानी होगी।
जाट काॅलोनी स्थित अभिनेता विकास बालियान के आवास पर सरदार वीएम सिंह ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि जलभराव के चलते राहत सामग्री पीड़ितों तक नहीं पहुंच रही है। केंद्र सरकार पंजाब में बड़े कृषि यंत्रों से जमीन को फसल बुवाई लायक बनाए। साथ ही पंजाब में किसान क्रेडिट कार्ड पर लिया गया ऋण माफ होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि किसान-मजदूर वर्ष 2027 में अपनी सरकार बनाएं, तभी गन्ना मूल्य 500 रुपये प्रति क्विंटल मिलेगा। मनरेगा का मेहनताना 100 रुपये प्रतिदिन बढ़ेगा। पहले सपा और अब भाजपा सरकार किसानों को धोखा दे रही है।
चीनी मिल मालिकों को राहत पहुंचाने के लिए बकाया गन्ना मूल्य पर साल दर साल ब्याज माफ किया जा रहा है। बीते दिनों इस पर हाईकोर्ट में एक और रिट दायर की है। यदि केस जीत गए तो किसान को 30-40 हजार रुपये प्रति एकड़ तक धनराशि मिल सकती है।
भाकियू अराजनैतिक के राष्ट्रीय प्रवक्ता धर्मेंद्र मलिक ने कहा कि सरदार वीएम सिंह की बात का समर्थन करते हैं। संगठन की ओर से प्रतिनिधिमंडल जल्द पंजाब जाएगा।