देवबंद (सहारनपुर)। जमीयत उलमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना सैयद अरशद मदनी ने केंद्र सरकार पर भेदभाव बरतने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार के मंत्री हों या फिर भाजपा के नेता उन्हीं उपलब्धियों का बखान कर रहे हैं। जिनमें उन्होंने भेदभाव कर सफलता हासिल की है।
सोमवार को अपने आवास पर पत्रकारों से बात करते हुए मौलाना सैयद अरशद मदनी ने सरकार की नीतियों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि भेदभाव हर जगह नजर आ रहा है। अनुच्छेद-370 का मामला हो, चाहे एनआरसी का मसला, तीन तलाक हो या फिर बाबरी मस्जिद का मसला हो। सरकार की कामयाबी के लिए जिन चीजों को पेश किया जाना चाहिए हर जुबान पर वही चीजें हैं। उन्होंने कहा कि जरूरत इस बात की है कि तमाम चीजों से आजाद होकर मुल्क और इसमें रहने वालों के लिए बिना भेदभाव कार्य होना चाहिए। क्योंकि मुल्क हमारा है हमें इस मुल्क के अंदर रहना है हम हमेशा से यहीं पर रहते चले आए हैं। मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि सन 1947 के बाद से आज तक हमने प्यार मोहब्बत की ऐसी मिसाल पेश की है जिसकी दूसरी कोई मिसाल मिलती ही नहीं है। हमें इसी तरह मुल्क के अंदर मजबूत तरीके और मजबूत किरदार के साथ रखना होगा। तभी हम हर हालात का मुकाबला कर सकते हैं। मौलाना मदनी ने सरकार की भेदभाव पूर्ण नीतियों पर कहा कि दिन बदलते रहते हैं कभी के दिन बड़े हैं तो कभी की रात बड़ी है। वैश्विक महामारी को लेकर उन्होंने कहा कि इसकी रोकथाम के लिए सरकार के पास कोई ठोस योजना नहीं है, इसलिए उसने हाथ खड़े कर दिए हैं। ऐसे हालात का मुकाबला करने के लिए प्यार मोहब्बत के साथ मुल्क में रहने वाले अल्पसंख्यक और बहुसंख्यकों को एकजुटता के साथ करना चाहिए। साथ ही कहा कि यदि ऐसा नहीं होता तो आने वाले दिनों में हालात और भी ज्यादा खराब हो सकते हैं।