एमएसएमई जैसी स्कीम लाए सरकार
मुजफ्फरनगर। बजट में भारत सरकार एमएसएमई की तरह ऐसी योजना लाए जो उद्यमियों के कोरोना काल के घाटे को दूर करे। एमएसएमई जिले के उद्योगों में एक नई जान आई है। कोरोना काल में जब उद्योग बंद हो गए थे और बाजार से पैसा नहीं आ रहा था ऐसे में सरकार की इस स्कीम ने उद्योगों को फिर से जीवित करने का काम किया।
जिले के आईआईए के चेयरमैन पंकज अग्रवाल का कहना है कि कोरोना के बाद जब उद्योग संचालित हुए तो किसी के पास भी उद्योग चलाने के लिए पैसा नहीं था। बाजार से पैसा वापस नहीं आ रहा था। ऐसे में एमएसएमई की योजना ने उद्योगों में जान डालने का काम किया। बिना गारंटी के पुराने ऋण पर 20 प्रतिशत अधिक ऋण दिया गया। बजट से सरकार से उम्मीद है कि वह ऐसी योजना लाए जो कोरोना काल का घाटा दूर हो।
सिल्वर टोन पेपर मिल के मालिक युवा उद्यमी अमित गर्ग का कहना है कि सरकार की योजना उद्योगों के लिए यहां संजीवनी बनकर सामने आई है। जिले में पेपर, लोहा और दवा उद्योग बड़ी संख्या में है। पेपर और लोहा उद्योग को फिर से रफ्तार देने का काम एमएसएमई ने ही किया है। ऐसे में बजट से उद्यमियों को काफी उम्मीदें हैं।
प्रमुख उद्यमी कुशपुरी कहते हैं कि उद्योगों को लेकर सरकार की सोच पॉजीटिव रही है। सरकार की घोषणा के बाद भी कुछ बैंक आनाकानी कर रहे थे। ऐसे में केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ संजीव बालियान ने उद्यमियों की बैंक अधिकारियों के साथ बैठक कराई और सभी उद्यमियों को योजना का लाभ दिलाया। बजट से उम्मीद है कि सरकार उद्योगों को गति देने में सहयोग करेगी।
पंकज अग्रवाल।- फोटो : MUZAFFARNAGAR