कभी कई देशों के यात्रियों को सफर कराने वाली फ्रंटियर मेल (गोल्डन टेंपल) एक सितंबर को अपने जीवन के 89 वर्ष पूरे करेगी। दिल्ली-टपरी डिवीजन की यह ट्रेन आजादी की गवाह है। अंग्रेजों की पहली पसंद होने के साथ ही इस ट्रेन में कई फिल्म अभिनेताओं ने भी करियर की शुरुआत में सफर किया है। रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार को ट्रेन के स्वागत के लिए रेलवे कर्मचारियों ने फूलों की व्यवस्था की है।
एक सितंबर 1928 को गोल्डन टेंपल मेल के पहिए पटरी पर उतरे थे, जिनके दौड़ने का सिलसिला बदस्तूर जारी है। आंधी-तूफान हो या बारिश गोल्डन टेंपल मेल अपने गंतव्य को जाने के लिए कभी नहीं रुकी। खतौली में हुए उत्कल एक्सप्रेस हादसे के बाद भी इस ट्रेन को रूट बदलकर वाया शामली से गंतव्य के लिए निकाला गया।
हालांकि इस बार हरियाणा के पंचकूला, पंजाब और चंडीगढ़ में डेरा प्रमुख के समर्थकों द्वारा भड़की हिंसा के बाद इसे तीन दिन के लिए रोका गया। दिल्ली-टपरी वाया मेरठ मंडल के साथ अंबाला-सहारनपुर डिवीजन की गोल्डन टेंपल मेल सबसे पुरानी ट्रेन है। स्टेशन अधीक्षक विपिन कुमार त्यागी ने बताया कि दिल्ली-टपरी रेलवे लाइन की गोल्डन टेंपल सबसे पुरानी ट्रेन है। यह देश आजाद होने और बंटवारे की भी गवाह कही जाती है।
फिल्मी एक्टर-अंग्रेजों की थी पसंद
मूलरूप से पाकिस्तान में जन्मे मशहूर एक्टर पृथ्वीराज कपूर समेत अंग्रेजों के बोलार्ड पियर मोल से भारत आने के लिए गोल्डन टेंपल मेल ट्रेन पहली पसंद थी। देश बंटवारे से पहले सह गोल्डन टेंपल मेल पाकिस्तान के लाहौर, अफगानिस्तान से होते हुए मुुंबई सेंट्रल तक आती-जाती है। इसके अलावा भी वर्ष 1934 में इसका नाम फ्रंटियर मेल भी पड़ा।
32 घंटे में करती है 1891 किमी सफर
दिल्ली-टपरी डिवीजन की सबसे पुरानी गोल्डन टेंपल मेल ट्रेन अप में 12903 तथा डाउन में 12904 नंबर से चलती है। 24 कोच वाली की ट्रेन 1891 किमी का सफर 32 घंटे 15 मिनट अप और डाउन में 31 घंटे 55 मिनट में पूरा करता है। अप में 34 स्टॉप और डाउन में 35 स्टॉप पर रुकती है।
83 साल पहले मिला था एसी कोच
मुंबई से सेंट्रल से अमृतसर तक जाने वाली इस ट्रेन को 83 साल पहले एसी कोच मिला था। तब देश में यह पहली एसी कोच वाली ट्रेन थी। साथ ही इसमें रेडियो सुनने की भी सुविधा दी गई थी। मुजफ्फरनगर में यह ट्रेन अप में रात को 10 बजकर 22 मिनट तथा डाउन में सुबह 4 बजकर 23 मिनट पर आती है।
इन बड़े शहरों का करती है सफर
मुंबई सेंट्रल, सूरत, बड़ौदरा, रतलाम, कोटा, गंगापुर सिटी, मथुरा, हजरत निजामुद्दीन, गाजियाबाद, मेरठ सिटी, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, अंबाला, लुधियाना और अंत में अमृतसर।